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जीविका ने बिहार की महिलाओ के जीवन मे परिवर्तन की गाथा लिखी है, यह अद्भुत और प्रेरणादायी है l

अभिभाषण

आज का दिन हम सबके लिए गर्व का विषय है। जिस तरह से जीविका ने बिहार की महिलाओं के जीवन में परिवर्तन की गाथा लिखी है, वह अद्भुत और प्रेरणादायी है।

सबसे पहले मैं माननीय प्रधानमंत्री जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, जो वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम में हमारे साथ जुड़े हैं और निरंतर महिलाओं की प्रगति हेतु योजनाएं लाकर मातृशक्ति को सशक्त बनाने का कार्य कर रहे हैं।

भाइयों और बहनों,

जीविका ने हमारी ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में क्रांतिकारी भूमिका निभाई है। पहले जिन महिलाओं को घर की चारदीवारी तक सीमित माना जाता था, वही महिलाएं आज स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक निर्णय ले रही हैं, परिवार की आय बढ़ा रही हैं और समाज में आत्मविश्वास के साथ अपनी पहचान बना रही हैं।

जीविका से जुड़ने के बाद महिलाओं में आर्थिक सशक्तिकरण आया है। छोटे-छोटे व्यवसाय, पशुपालन, कृषि आधारित कार्य, हस्तकला एवं स्वरोजगार से उनका जीवनस्तर ऊँचा हुआ है।

सामाजिक बदलाव भी देखने को मिला है। महिलाएं अब केवल गृहिणी ही न रहकर ग्रामसभा एवं पंचायत स्तर पर निर्णय लेने में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं।

जीविका ने महिलाओं में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास जगाया है। अब वे अपनी बेटी की पढ़ाई, परिवार के स्वास्थ्य और पोषण पर गर्व से खर्च कर पा रही हैं।

सबसे बड़ी बात यह है कि आज जीविका दीदियां बैंक से जुड़कर वित्तीय समावेशन की मिसाल बन रही हैं। वे ऋण लेकर उसे सही समय पर चुका रही हैं और उद्यमिता का उदाहरण पेश कर रही हैं।

प्रधानमंत्री जी, आपके आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में बिहार की जीविका दीदियों ने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है। आज लाखों महिलाएं गरीबी रेखा से ऊपर उठकर समाज में प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।

साथ ही, आज के इस कार्यक्रम की खासियत यह है कि –

बिहार सरकार ने जीविका से जुड़ी महिलाओं तक सस्ते ब्याज दर पर आसानी से ऋण उपलब्ध कराने हेतु राज्य स्तर पर बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड की स्थापना की है।

इस पहल से डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं की वित्तीय पहुँच और भी आसान होगी।

राज्य के सभी 38 जिलों, 534 प्रखंडों और 1680 संकुल स्तरीय संघों में यह कार्यक्रम एक साथ आयोजित हो रहा है।

जिला स्तर पर जिला पदाधिकारी, प्रखंड स्तर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी और संकुल स्तर पर संघ की महिलाएं कार्यक्रम का हिस्सा बन रही हैं।

इस ऐतिहासिक अवसर पर जन-जन तक कार्यक्रम की जानकारी पहुँचाने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।

यह देखकर हर्ष होता है कि आज बिहार की मातृशक्ति संगठित होकर नए युग का निर्माण कर रही है।

अंत में मैं इतना ही कहूँगा कि –
“जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो परिवार सशक्त होता है, समाज सशक्त होता है और अंततः पूरा राष्ट्र सशक्त होता है।”

आइए, हम सब मिलकर जीविका की इस अलख को और आगे बढ़ाएँ और मातृशक्ति के हाथों में आत्मनिर्भरता की डोर सौंपकर नये भारत के निर्माण में योगदान करें।

त्रिलोकी नाथ डिस्ट्रिक्ट डिवीज़न हेड गया
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