
कुशीनगर। कुशीनगर जनपद में राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना का जिमेद्दारो के द्वारा उड़ाई जा रही है धज्जियां , सरकार के द्वारा संचालित मजदूरों को मिले 100 दिन की मजदूरी मनरेगा का ब्लाक स्तर पर बैठे अधिकारी कर्मचारियो के द्वारा घोटाला किया जा रहा है। एक तरफ सरकार के द्वारा संचालित योजनाओं को धरातल पर लाने की पुरजोर कोशिश किया जा रहा है तो उसी योजनाओं को भ्रष्टाचार के साथ दमन करने का कार्य बीडीओ व एपीओ के द्वारा ब्लाक परिसर में बैठ कर किया जा रहा है। मिट्टी कार्य के लिए मजदूरों को खडा करा कर जीरो टैग कर लिया जाता है उसके बाद मजदुरो को वापस घर भेज दिया जाता है । मजदूरों को 50 रुपए फोटो खिंचवाने का मिट्टी कार्य करा रहे संस्था द्वारा दिया जाता है। सोचने वाली बात यह है कि 300 मीटर सड़क पर एक सप्ताह कार्य चलता है और मजदूरों की संख्या प्रति दिन 50 से 80 तक होती है । क्या एक मजदूर 6 घण्टे में एक मीटर तक भी मिट्टी कार्य नही करता है। अगर ऐसी स्थिति है तो सरकार को राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना को बंद कर देना चाहिए । अगर ऐसा नही तो ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों कर्मचारियों पर लगाम लगनी चाहिए, जिस गरीब जनता के पैसे को डकारने का काम कर रहे है , सेवरही विकाश खण्ड के पिपरा घाट में लगातार दो सप्ताह से राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्य चल रहा है जीरो टैग 150 से लेकर 220 मजदूरों की होती है मगर जमीनी स्तर पर मौके पर 10से15 मजदूर भी नही मिलेंगे, ऐसे में सेवरही विकाश खण्ड के अधिकारी कही ना कही संदेह घेरे में आते हैं उच्च अधिकारियो के पीठ पीछे ये सब हो रहा है या मिली भगत ,ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों के बाबत जमीनी हकीकत जानने जब वंदे भारत न्यूज चैनल के जिला ब्यूरो ने मौके मौके पहुंचा तो सड़क तो वही थीं मगर मजदूर नहीं थे। कुशीनगर जनपद का कोई भी ऐसा ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत नही है जहां पर केन्द्र सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्व कांची महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना की नही उड़ाई जा रही हो धज्जियां, अधिकारी कर्मचारी अपनी कुर्सी छोड़ तनिक भी नही हिलाते जिसका परिणाम है कि बिचौलिया मलाई काट रहे है और सरकार के छवि को धूमिल कर रहे हैं।
