
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। नक्शा सुधार के नाम पर 50 हजार की डील – एंटी करप्शन टीम ने किया भंडाफोड़ ।।
सिद्धार्थनगर : इटवा तहसील में भ्रष्टाचार की परतें लगातार खुलती जा रही हैं। मंगलवार शाम को बस्ती से आई एंटी करप्शन टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इटवा तहसील गेट के पास कानूनगो भोला नाथ चौधरी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ धर दबोचा.आरोप है कि उन्होंने नक्शा तरमीम के नाम पर कुल 50 हजार रुपये की मांग की थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसील क्षेत्र के पकड़ी शुक्ल निवासी धनराज प्रजापति अपने भूमि नक्शे में सुधार के लिए कई दिनों से कानूनगो भोला नाथ चौधरी के पास चक्कर काट रहे थे। पीड़ित का आरोप है कि चौधरी ने यह कार्य कराने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की थी, जिसमें से कुछ राशि पहले ही दी जा चुकी थी। शेष 20 हजार रुपये की डील मंगलवार को तय हुई थी। धनराज प्रजापति ने इस पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन टीम से की, जिसके बाद टीम ने पूरी योजना बनाकर गुप्त निगरानी शुरू कर दी। जैसे ही इटवा तहसील गेट के पास कानूनगो ने धनराज से रिश्वत की राशि ली, टीम ने तत्काल दबिश देकर आरोपी को पकड़ लिया और अपने साथ ले गई।इस मामले पर इटवा के प्रभारी निरीक्षक श्याम सुंदर तिवारी ने बताया कि अभी तक न तो थाने में इस संबंध में कोई सूचना दी गई है और न ही कोई कार्रवाई स्थानीय स्तर पर दर्ज की गई है।
गौरतलब है कि यह पहला मामला नहीं है.इससे पूर्व 27 जून को भी बस्ती एंटी करप्शन टीम ने इटवा तहसील में तैनात राजस्व निरीक्षक सुनील श्रीवास्तव को पैमाइश के नाम पर 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। लगातार हो रही इन घटनाओं से तहसील प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं आम जनता के बीच चर्चा का बाजार गर्म है। सवाल उठता है कि रिश्वतखोरी के इस गहरे जाल को तोड़ने के लिए प्रशासन क्या ठोस कदम उठाएगा?




















