

धार जिला ब्योरो गोपाल मारु की रिपोर्ट 9993454360
धार । कृषि विभाग के अनुसार गेहूं की नरवाई जलाना शासन द्वारा पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया गया है और भोपाल से प्राप्त सैटेलाइट लोकेशन के आधार पर लगातार निगरानी की जा रही है। मौके पर पंचनामा बनाकर रिपोर्ट तहसील कार्यालय भेजी जा रही है तथा आदेश का उल्लंघन करने वाले किसानों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत 2 एकड़ तक 2,500 रुपये, 2 से 5 एकड़ तक 5,000 रुपये और 5 एकड़ से अधिक भूमि पर 15,000 रुपये तक का अर्थदंड लगाया जा रहा है। इधर किसानों का कहना है कि नरवाई प्रबंधन में प्रति एकड़ पलटी प्लाउ और रोटावेटर से करीब 3 से 4 हजार रुपये तक खर्च आता है, जो उनके लिए भारी आर्थिक बोझ है। साथ ही यदि नरवाई नहीं हटाई जाए तो खरीफ फसल की बोनी करना संभव नहीं हो पाता, जिससे नरवाई जलाना उनकी मजबूरी बन जाती है। किसानों ने यह भी बताया कि गेहूं खरीदी की तारीख आगे बढ़ने और ऋण जमा करने की समय सीमा नहीं बढ़ने से उन्हें कम दाम पर फसल बेचने व अतिरिक्त ब्याज-पेनल्टी का सामना करना पड़ रहा है। किसान संघ के पदाधिकारी कालू सिंह राठौर (तहसील किसान संघ) और रणजीत पाटीदार (जिला उपाध्यक्ष, किसान संघ) ने शासन से नरवाई प्रबंधन के लिए आर्थिक सहायता देने की मांग की है। कृषि विभाग के विनोद अकलेचा ने बताया कि सैटेलाइट निगरानी के आधार पर कई किसानों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।


