
लखनऊ:
प्रदेश में होने वाले आगामी पंचायत चुनाव को सुचारु और स्पष्ट बनाने के लिए प्रशासन ने चारों पदों के लिए अलग-अलग रंग के मतपत्र तय करने की तैयारी कर ली है। इसका उद्देश्य मतदान के दौरान मतदाताओं और कर्मचारियों को अलग-अलग पदों के मतपत्र पहचानने में आसानी देना है।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार ग्राम प्रधान के चुनाव में हरे रंग का मतपत्र दिया जाएगा। ग्राम पंचायत सदस्य के लिए सफेद रंग का मतपत्र रहेगा। वहीं क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) के चुनाव में नीले रंग का मतपत्र प्रयोग में लाया जाएगा और जिला पंचायत सदस्य के लिए गुलाबी रंग का मतपत्र निर्धारित किया गया है।
प्रदेश में लगभग 58 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतें हैं। इन पंचायतों में करीब आठ लाख ग्राम पंचायत सदस्य चुने जाते हैं। इसके अलावा 75 हजार से अधिक क्षेत्र पंचायत सदस्य और लगभग तीन हजार जिला पंचायत सदस्य भी चुनाव के जरिए निर्वाचित होंगे।
चुनाव की तारीख को लेकर अभी भी असमंजस:
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त होने वाला है। वहीं जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल 11 जुलाई 2026 और क्षेत्र पंचायत सदस्यों का कार्यकाल 19 जुलाई 2026 तक पूरा होगा।
फिलहाल पिछड़ा वर्ग आरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया पूरी न होने के कारण पंचायत चुनाव की तिथि को लेकर कुछ अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि सरकार और संबंधित विभाग के अधिकारी यह संकेत दे रहे हैं कि चुनाव तय समयसीमा के भीतर कराने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल प्रशासन चुनाव की तैयारियों में जुटा हुआ है और मतपत्रों के रंग तय होने के बाद अब आगे की प्रक्रिया पर तेजी से काम किया जा रहा है।



