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पत्रकारों पर हमले की घटना से पत्रकार संगठनों में आक्रोश, दोषियों की गिरफ्तारी की मांग तेज:- पंकज सिंह ।।

पत्रकारों पर हमले की घटना से पत्रकार संगठनों में आक्रोश, दोषियों की गिरफ्तारी की मांग तेज:- पंकज सिंह ।।

रिपोर्टर/राशीद अंसारी

राँची/हजारीबाग। हजारीबाग में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के अस्पताल निरीक्षण के दौरान पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की घटना ने पूरे झारखंड में पत्रकार जगत को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना को लेकर राज्यभर के पत्रकार संगठनों में भारी आक्रोश व्याप्त है और इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया जा रहा है।

घटना उस समय हुई जब निरीक्षण के दौरान एक पत्रकार द्वारा मंत्री से सवाल पूछा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसके बाद कथित रूप से मंत्री के समर्थकों ने संबंधित पत्रकार पर हमला कर दिया। सबसे गंभीर बात यह रही कि यह पूरी घटना मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में घटित हुई, जबकि मौके पर किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया गया, जिससे हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए।

इस घटना पर झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन (JJA) के रांची जिला अध्यक्ष पंकज सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना “लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है” और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकार जनता की आवाज उठाते हैं और उन पर इस प्रकार का हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक संकेत है।

वहीं भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ (BSPS) के राष्ट्रीय सचिव चंदन मिश्रा ने घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार है। उन्होंने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौके पर मौजूद अधिकारियों की निष्क्रियता कई गंभीर प्रश्न खड़े करती है।

इधर, झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संपूर्णा नंद भारती ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पत्रकारों को निशाना बनाकर किया गया हमला लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि दोषियों पर शीघ्र सख्त कार्रवाई और गिरफ्तारी आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

संगठन के संस्थापक शाहनवाज हसन ने भी इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड में पत्रकारों के साथ लगातार बढ़ रही हिंसा और दुर्व्यवहार की घटनाएं बेहद गंभीर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यह मुद्दा केवल राज्य नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा और जरूरत पड़ी तो व्यापक आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही उन्होंने लंबे समय से लंबित “पत्रकार सुरक्षा कानून” को लागू करने की मांग को फिर दोहराया।

इस मामले में JJA के प्रदेश सचिव जावेद इस्लाम, हजारीबाग जिला अध्यक्ष कृष्णा गुप्ता, उपाध्यक्ष अर्जुन सोनी, अजय मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी एक सुर में घटना की कड़ी निंदा की है। सभी ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

पत्रकार संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो पूरे राज्य में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर पत्रकार सुरक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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