

कांठ (मुरादाबाद, यूपी)। विधानसभा की कार्रवाई के दौरान नारी शक्ति वंदन (महिला आरक्षण बिल) पर कांठ के सपा विधायक/पूर्व कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर ने कहा कि, वर्ष 2011 में यह बिल संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में सर्वसम्मति से पारित हुआ था और उस समय स्पष्ट किया गया था कि पहले जनगणना कराई जाएगी, उसके बाद ही इसे लागू किया जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में चुनावी माहौल को देखते हुए 2011 की जनगणना के आधार पर महिला आरक्षण लागू करने की बात की जा रही है, जो पूरी तरह विरोधाभासी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उत्तर प्रदेश में स्वयं भाजपा सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर पंचायत चुनाव नहीं करा रही है, तो केंद्र सरकार उसी आधार पर महिला आरक्षण लागू करने की बात कैसे कर सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि, यदि सरकार वास्तव में महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है, तो ऐसा कानून बनाया जाए जिसमें हर राजनीतिक दल के लिए कम से कम 33 प्रतिशत महिलाओं को चुनाव लड़ाना अनिवार्य हो। इससे महिलाओं का नेतृत्व स्वतः मजबूत होगा। विधायक ने विधानसभा सत्र के दौरान सामूहिक विवाह योजना पर भी जमकर सवाल उठाए।
रिपोर्ट: पंकज कुमार, कांठ






