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मध्यप्रदेश में विकास, हरित ऊर्जा और किसानों के हितों को लेकर आज का दिन खास रहा।

मध्यप्रदेश में विकास, हरित ऊर्जा और किसानों के हितों को लेकर आज का दिन खास रहा।
एक ओर खरगोन जिले में देश के पहले जनभागीदारी आधारित ग्रीन बॉन्ड सोलर प्लांट का लोकार्पण हुआ,
तो वहीं मुख्यमंत्री ने अचानक गेहूं उपार्जन केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
🎥 वीओ-1 (सोलर प्लांट विजुअल)
खरगोन जिले के जलूद में करीब 271 करोड़ की लागत से तैयार यह सोलर प्लांट देश का पहला जनभागीदारी आधारित ग्रीन बॉन्ड प्रोजेक्ट बताया जा रहा है।
इस प्लांट से अब इंदौर को सस्ती और स्वच्छ बिजली मिलेगी।
पीपीपी मॉडल और ग्रीन बॉन्ड स्कीम के जरिए तैयार इस परियोजना को मुख्यमंत्री ने “राष्ट्रीय उपलब्धि” बताया।
🎤 पीटीसी (रिपोर्टर ऑन कैमरा)
महेश्वर के जलूद में बना यह सोलर प्लांट सिर्फ बिजली उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश में ग्रीन एनर्जी की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकार का दावा है कि यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में पूरे देश के लिए मॉडल साबित होगा।
🎥 वीओ-2 (कार्यक्रम + भाषण)
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस योजना में आम जनता को ग्रीन बॉन्ड के माध्यम से निवेश का अवसर दिया गया है,
जिससे उन्हें 20 वर्षों तक लाभ मिलेगा।
🟡 स्टेज पर मौ
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे—
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट,
सांसद शंकर लालवानी,
राज्यसभा सदस्य सुमेर सिंह सोलंकी,
महापौर पुष्यमित्र भार्गव,
विधायक—राजकुमार मेव, सचिन बिरला, रमेश मेंदोला, महेंद्र हार्डिया, गोलू शुक्ला, मधु वर्मा और ऊषा ठाकुर सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

वहीं महेश्वर में ‘गोदा से नर्मदा’ जलयात्रा के समापन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अहिल्याबाई होल्कर को सनातन संस्कृति की प्रेरणा बताया।
महाराष्ट्र से लाई गई पवित्र मिट्टी और 130 नदियों का जल नर्मदा तट पर पहुंचा।

इसी बीच धार जिले में इंदौर-अहमदाबाद हाईवे पर हुए भीषण सड़क हादसे पर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को मुआवजे की घोषणा की

इधर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खरगोन जिले के कतरगांव स्थित गेहूं उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया।
उन्होंने किसानों से सीधे संवाद किया, उनके साथ चाय पी और समस्याएं सुनीं।
बताया गया कि मुख्यमंत्री ने महेश्वर में रात्रि विश्राम के बाद भोपाल रवाना होने से पहले यह निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए पानी, छांव, बैठने और अन्य सुविधाएं बेहतर की जाएं।
साथ ही स्लॉट बुकिंग, तौल व्यवस्था और ओटीपी भुगतान प्रक्रिया की जानकारी भी ली।
उन्होंने कहा कि अन्नदाता को सम्मान और उचित मूल्य दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
📊 वीओ-6 (डेटा + ग्राफिक्स)
उपार्जन व्यवस्था के तहत—
तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 की गई है,
बारदाना, हम्माल, सिलाई मशीन और नेटवर्क की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
प्रदेश में अब तक—
9.83 लाख किसानों ने स्लॉट बुक किए,
60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं पंजीकृत हुआ,
और 5.08 लाख किसानों से 22.70 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है।
सरकार ने इस वर्ष 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य रखा है।

कुल मिलाकर महेश्वर और खरगोन क्षेत्र आज विकास, आस्था और हरित ऊर्जा के बड़े केंद्र के रूप में उभरते नजर आ रहे हैं।

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