A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेउत्तर प्रदेशकानपुरकानपूर

पीएम सूर्य घर योजना के नाम पर उपभोक्ता के संग धोखाधड़ी लोन की रकम डकार बैठा वेंडर

*पीएम सूर्य घर योजना’ के नाम पर उपभोक्ता से धोखाधड़ी, लोन की रकम डकार कर बैठा वेंडर* *रिपोर्टर:- आशीष यादव* *पुखरायां/मूसानगर कानपुर देहात उत्तर प्रदेश* सरकार द्वारा चलाई जा रही महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ को कुछ वेंडर चूना लगाने में लगे हैं। ताजा मामला कानपुर देहात के मूसानगर क्षेत्र का है, जहाँ ‘पंकज एंटरप्राइजेज’ (Pankaj Enterprises) द्वारा एक उपभोक्ता से लाखों रुपये लेने के बावजूद कार्य अधूरा छोड़ने और अभद्र व्यवहार करने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। लोन की राशि खाते में, लेकिन छत पर सिर्फ पैनल मिली जानकारी के अनुसार, पुखरायां निवासी ज्ञानेंद्र सिंह पुत्र श्री अरविंद सिंह ने हाइब्रिड सोलर सिस्टम लगवाने के लिए 23 दिसंबर 2025 को पंकज एंटरप्राइजेज के प्रतिनिधि श्री नौमान को सभी दस्तावेज सौंपे थे। आरोप है कि वेंडर ने आवेदन में दो महीने की देरी की। 6 मार्च 2026 को बैंक द्वारा 1,13,000 रुपये की पहली किस्त वेंडर के खाते में भेज दी गई, जिसके बाद 12 मार्च को आनन-फानन में केवल सोलर पैनल छत पर रख दिए गए। हादसे को दावत देता अधूरा स्ट्रक्चर पीड़ित ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि वेंडर ने पैनल लगाते समय कंक्रीट के मजबूत पिलर बनाने का वादा किया था, जो आज तक पूरा नहीं हुआ। वर्तमान में पैनल बिना किसी मजबूत आधार के रखे हैं, जिससे आंधी-तूफान आने पर घर और पड़ोसियों के जान-माल की क्षति होने की प्रबल संभावना बनी हुई है। पूरी रकम मिलने के बाद वेंडर के बदले सुर पीड़ित का आरोप है कि 27 मार्च को बैंक द्वारा शेष राशि भी पंकज एंटरप्राइजेज के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। भुगतान पूर्ण होते ही वेंडर का रवैया पूरी तरह बदल गया। पिछले 10 दिनों से इन्वर्टर और बैटरी लगाने के नाम पर टालमटोल की जा रही है। 1 अप्रैल को जब पीड़ित ने संपर्क किया, तो वेंडर ने गैर-जिम्मेदाराना जवाब देते हुए कहा— “रुपये तो मेरे खाते में आ ही गए हैं, अब जब सामान आएगा तभी लगाऊंगा, तुम्हें जो करना है कर लो।” ब्याज की मार झेल रहा उपभोक्ता हैरानी की बात यह है कि सोलर प्लांट अभी तक चालू नहीं हुआ है, लेकिन बैंक द्वारा लोन की किस्त और ब्याज कटना शुरू हो गया है। पीड़ित ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी तरह कई अन्य ग्राहक भी इस फर्म की कार्यप्रणाली से त्रस्त हैं। इस संबंध में पीड़ित ने यूपीनेडा (UPNEDA) के परियोजना अधिकारी को शिकायती पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है और मांग की है कि ऐसे लापरवाह वेंडर के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि योजना की साख बची रहे।

 

 

Back to top button
error: Content is protected !!