

वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज़/समृद्ध भारत डिस्ट्रिक्ट रिपोर्टर चित्रसेन घृतलहरे(पेंड्रावन)सारंगढ़ 28 जुलाई 2025//ग्राम पंचायत ग्वालिनडीह की निर्वाचित सरपंच श्रीमती मंजूलता राज ने आखिरकार अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हाल ही में उनके विरुद्ध फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ने और जीतने का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इस खबर के बाद अब उन्होंने जनपद पंचायत सीईओ राधेश्याम नायक को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
पद छोड़ने की दी पारिवारिक वजह
अपने इस्तीफे में मंजूलता राज ने लिखा है—
“मैं श्रीमती मंजूलता राज, ग्राम पंचायत ग्वालिनडीह, जनपद पंचायत सारंगढ़ की निर्वाचित सरपंच हूं। पारिवारिक कारणों से अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन करने में असमर्थ हूं, अतः सरपंच पद से अपना त्यागपत्र दे रही हूं। कृपया मेरा त्यागपत्र स्वीकार किया जाए।”
हालांकि, उन्होंने इस्तीफे में जाति प्रमाण पत्र विवाद का सीधा उल्लेख नहीं किया है, लेकिन इस्तीफे का समय और हालिया समाचार इसे प्रतिक्रिया स्वरूप कदम के रूप में इंगित करता है।
प्रशासन को भेजी गई सूचना
श्रीमती मंजूलता ने अपने त्याग पत्र की सूचना संबंधित उच्च अधिकारियों को भी दी है, जिनमें शामिल हैं:
- सचिव, छत्तीसगढ़ राज्य अजजा आयोग, रायपुर
- कलेक्टर, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ / कोरबा
- अनुविभागीय अधिकारी (रा.) सारंगढ़ एवं पाली (कोरबा)
- मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत सारंगढ़
सूत्रों के अनुसार, अब जनपद एवं जिला प्रशासन द्वारा औपचारिक प्रक्रिया पूर्ण कर सरपंच पद को रिक्त घोषित किया जा सकता है।
क्या था मामला?
ज्ञात हो कि हाल ही में एक समाचार रिपोर्ट में सरपंच मंजूलता राज पर यह आरोप सामने आया था कि उन्होंने फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए आरक्षित पद पर चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इस मामले की शिकायत राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग सहित जिला प्रशासन तक पहुंचाई गई थी।
आगे क्या?
अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले की विधिवत जांच कर कोई दंडात्मक कार्रवाई करता है या नहीं। साथ ही रिक्त हुए सरपंच पद पर उपचुनाव कराए जाने की संभावना भी बढ़ गई है।











