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बोर खनन हेतु एसडीएम से लिखित अनुमति जरुरी

बोर खनन हेतु एसडीएम से लिखित अनुमति अनिवार्य

 

 

बिना अनुमति बोर खनन 31 जुलाई तक प्रतिबंधित

 

सारंगढ़-बिलाईगढ़ 14 अप्रैल 2025/ जिले में ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुए पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी धर्मेश कुमार साहू ने छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (क्रमांक 3), 1987 की धारा 03 के तहत सारंगढ़ बिलाईगढ़ संपूर्ण जिले को 01 अप्रैल 2025 से 31 जुलाई 2025 तक जलाभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। इस अवधि में अधिनियम की धारा 06 के अंतर्गत सारंगढ़ बिलाईगढ जिले में सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई नया नलकूप (बोर) पेयजल अथवा पेयजल के अलावा किसी भी अन्य प्रयोजन के लिए खनन नहीं किया जा सकेगा, लेकिन शासकीय एजेंसी जैसे- लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को संपूर्ण जिले में तथा नगरपालिका परिषद एवं नगर पंचायतों को केवल पेयजल हेतु अपने नगरीय निकाय की सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में नलकूप खनन हेतु अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें केवल इस अवधि में खनन कराये गये नलकूपों की जानकारी प्राधिकृत अधिकारी को भेजना होगा।

 

नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप खनन हेतु अनुविभागीय अधिकारी राजस्व से विधिवत अनुमति की आवश्यकता होगी।

जन सुविधा को ध्यान में रखते हुए अधिनियम की धारा 06 के अंतर्गत नलकूप खनन हेतु अनुमति प्रदान करने के लिए राजस्व अनुविभाग सारंगढ़ के तहत् आने वाला क्षेत्र के लिए

अनुविभागीय अधिकारी (रा.), सारगढ़ और राजस्व अनुविभाग बिलाईगढ़ के तहत् आने वाला क्षेत्र के लिए अनुविभागीय अधिकारी (रा.) बिलाईगढ़ को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। ये अधिकारी अपने अपने कार्य क्षेत्र में छ.ग. पेयजल परिरक्षण अधिनियमों में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार नलकूप खनन आवश्यक होने पर अनुमति प्रदान करने की कार्यवाही करेंगे। यदि किसी व्यक्ति या एजेंसी द्वारा इस अधिनियम के उल्लंघन में नलकूप खनन करना पाया जाता है तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।

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