
वंदेभारतलाइवटीव न्युज नागपुर रविवार 24 अगस्त 2025-: भारतीय डाक विभाग 25 अगस्त 2025 से अमेरिका के लिए अधिकतर डाक समानों की बुकिंग निरस्त कर देगा।भारत का यह फैसला फिलहाल अस्थाई रूप से होगा। जानकारी अनुसार 23/8/2025 को भारतीय डाक विभाग ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए इसकी जानकारी दी है। अमेरिका के लिए डाक रोकने के पिछे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का नया टैरिफ प्लान है। ज्ञात हो कि इसी वर्ष 30 जुलाई को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक आदेश जारी करते हुए 800 डॉलर लगभग 70हजार रूपय तक के सामनों पर मिलने वाले टैरिफ छूट को समाप्त कर दिया है। यह छूट 29 अगस्त से समाप्त हो जायेगी। भारत के अमेरिका को डाक सेवा रोकने के बाद अब कई यूरोपीय देशों ने भी अमेरिका के लिए अपनी डाक सेवाएं रोक दी है। इन देशों में- आस्ट्रेलिया, नीदरलैंड इटली, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन सहित कई देश शामिल हैं। प्राप्त जानकारी अनुसार भारत के संचार मंत्रालय के अनुसार अमेरिका की टैरिफ लागू किये जाने और वसूलने की कोई प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है। जिसके कारण भारत में अमेरिका को भेजे जाने वाली डाक सेवाएं अस्थाई रूप से रद्द रहेंगी। अमेरिका के ट्रम्प प्रशासन ने 30 जुलाई 2025 को एक आदेश जारी करते हुए 800 अमेरिकी डॉलर यानी की लगभग 70 हजार रूपय तक के मूल्य वाले सामानों पर दी जाने वाली ड्यूटी फ्री छूट को 20 अगस्त 2025 से खत्म दिया। छूट खत्म हो जाने के बाद अमेरिका ज्ने वाले सभी डाक सामान उनकी कीमत चाहे जो भी हो उन सब पर कस्टम ड्यूटी लगेगी। यह कस्टम ड्यूटी इंटरनेशनल इमरजेंसीं इकोनॉमिक पानर एक्ट के अनुसार होगी। इसके कारण 25 अगस्त 2025 से भारत से अमेरिका को जाने वाले अधिकतर डाक सेवाएं अस्थाई रूप से रोकने का भारत ने निर्णय लिया है। अमेरिका के रोके जानी वाली डाक सेवाएं अस्थाई है किन्तु भारतीय डाक विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह रोक कबतक चलेगा। भारत से अमेरिका को जाने वाले सामानों पर 07 अगस्त से 25% टैरिफ चालू हो गया है। इसके बाद अतिरिक्त 25%टैरिफ 27 अगस्त से लागू होगा। अभीतक भारतीय सामानों पर 10% टैरिफ लगाया जाता था। अमेरिका के इस नये टैरिफ से भारतीय सामान अमेरिका के बाजार में महंगे हो जायेंगे। जिससे अमेरिका में भारतीय सामानों की मांग कम हो सकती है। जानकारी के अनुसार टैरिफ के कारण अमेरिका को होने वाले निर्यात में करीब 40% से 50% तक कमी आ सकती है। जिसका असर भारत पर पड़ सकता है।





