
धनबाद : झारखंड की सर्द हवाओं में बुधवार की सुबह कुछ अलग सी तपिश थी। भारत बंद के चलते धनबाद के गोबिंदपुर इलाके में, जहां जमीन के नीचे कोयले की आग सुलगती है, आज सड़कों पर मजदूरों की आवाजें गूंज रही थीं। BCCL के 12 ऑपरेशन एरिया में से एक इस क्षेत्र में, यूनियन के प्रतिनिधि काम बंद करवा रहे थे। धरती की नसों से कोयला निकालने वाले हाथ आज झंडे थामे खड़े थे।
गांधीनगर, बोकारो और कोनार परियोजना में भी बंद का असर दिखा। कोलियरी की खामोश पटरियों पर गूंजती नारेबाजी बता रही थी कि श्रमिक संगठनों ने अपने इरादों में जान फूंकी है। बोकारो थर्मल पावर प्लांट के मेन गेट पर जब एएमसी-एआरसी मजदूरों ने काले बिल्ले लगा विरोध जताया, तो लगा जैसे मशीनों के शोर को भी इंसानी आवाजें पछाड़ रही हैं।हालांकि, कुछ जगहों पर टकराव की चिंगारी भी फूटी और बीएमएस ने हड़ताल को ‘असफल’ कहने में देर नहीं की। खबर लिखे जाने तक जमीनी हकीकत कहती है कि रोज की तरह आज काम नहीं हुआ।



