
सागर। वंदे भारत लाईव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन में अधिकारी एवं ठेकेदार की मिली भगत से भ्रष्टाचार एवं बंदरवाट के कारण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। स्थित है कि सागर जिले के अंतर्गत आने वाले देवरी विकासखंड में संचालित जल जीवन मिशन योजना में 15% योजना भी सफल नहीं हो पाई यानी पूरी योजना ही लगभग फेल हो गई है जिस उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने यह योजना लॉन्च की थी उसे योजना के अनुसार हर घर में नल चालू कर पानी पहुंचाना था लेकिन अधिकारियों ने यह योजना भ्रष्टाचार का जरिया बना लिया और पानी तो ठीक है पाइप लाइन तक नहीं पहुंच पाई। गांव की सड़क खुदवा ने के बाद उनकी मरम्मत का कार्य भी नहीं कराया गया जिसके चलते बरसात में सड़कों से आवागमन भी मुश्किल होगा। स्थिति यह है कि उक्त योजना में हुए भ्रष्टाचार को लेकर जब वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की जाती है तो वह भी कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं जांच न होने के अभाव में सरकार की यह योजना फेल होने के साथ ही जन आसंतोष का विषय बन गई है। ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है जिन्होंने योजना में लीपापोती कर करोड़ों रुपए भुगतान कर शासन को चूना लगा दिया है लेकिन योजना कहीं से भी सफल दिखाई नहीं दे रही। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग देवरी के द्वारा देवरी में लगभग 45 ग्रामों में योजना के तहत कार्य किया गया है जिनमें 10% भी योजनाएं चालू नहीं है। 45 ग्रामों में सुजानपुर, सिलारी , बरकोटी, पिपरिया पाठक, पिपरिया नंदे ,पनारी ,पथरिया दुबे, पड़रई बुजुर्ग , धुलतरा, डोंगर सलैया, जैतपुर, कोपरा, जैतपुर कछिया, जमुनापुर परासिया, चीमाढाना ,हाथकोय,खमरिया समनापुर खरगराम, खजुरिया, कोपरा ,सुरादेही, कुसमी , ककरीवेरखेरी, खजुरिया,अनंतपुर,सालावार, सरखेडा ,समनापुर सेठ, समनापुर सहजू , रिछई, रासेना ,मोकला, मानेगांव महाराजपुर , मढ़ी जमुनिया मढपिपरिया बेलढाना, बेरखेड़ी राजा, बीना, बिजोरा देवरी, बिछुआ भवतरा, बारहा, चिरचिटा सुखजू, गौरझामर, खामखेड़ा, इममिरा, आदि। सिलारी की स्थिति यह है कि यहां पर लोग आज भी बूंद बूंद पानी को तरस रहे हैं। ग्राम डोंगर सलैया में जल जीवन मिशन योजना के तहत कार्य पूर्ण नहीं हो पा रहा है समय सीमा में कार्य पूर्ण न होने के कारण लोग परेशान हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जीन जिम्मेदार अधिकारी को कार्यवाही करनी थी वह अधिकारी केवल अपने केबिन में बैठे रहे जिसके चलते उपयंत्री सहायक यंत्री के द्वारा बिल बनाकर ठेकेदारों को भुगतान तो कर दिए गए लेकिन गांव-गांव में आज भी लोग पानी को परेशान है।करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी आम लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है क्योंकि भ्रष्टाचार एवं बंदरबाट के चलते वरिष्ठ अधिकारी भी कोई कार्यवाही नहीं कर रहे एवं कार्यवाही करने से बच रहे हैं।कार्यपालन यंत्री के द्वारा भी शिकायत के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है ऐसी स्थिति में उच्च स्तरीय जांच की मांग की जा रही है ताकि लोक स्वस्थ तंत्रिकीय विभाग द्वारा कराए गए कार्य की सूक्ष्मता से जांच हो और वरिष्ठ अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो सके। गौरझामर में जल जीवन मिशन योजना के तहत पाइपलाइन की गुणवत्ता एवं कार्य सहित भौतिक सत्यापन बिलों के भुगतान आदि जांच की मांग की जा रही है।
प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन में हुए भ्रष्टाचार को लेकर कोई भी अधिकारी जांच नहीं कर पा रहे हैं कि आखिर कितने गांव में लोग स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कार्य कराया गया है और कितने गांव में योजना सफल है यदि योजना असफल हुई है तो उसका कारण क्या है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में ठेकेदारों को बिलों को कितने बिलों का भुगतान कर कितनी राशि अभी तक दी गई है कितने कनेक्शन प्रदान किए गए हैं क्या यह कनेक्शन हितग्राही तक पहुंच पाए हैं या नहीं कितने गांव में पीने का पानी उपलब्ध हो पा रहा है या नहीं इसको लेकर बिंदुवार जांच होनी चाहिए। बैठक के दौरान कलेक्टर कमिश्नर द्वारा पेयजल योजना को लेकर तमाम तरह के निर्देश दिए जाते हैं लेकिन यह निर्देश बेअसर साबित हो रहे हैं क्योंकि अधिकारी द्वारा ठेकेदारों के बिलों का भुगतान तो कराया जा रहा है आज भी क्षेत्र की जनता प्यासी है। 45 ग्रामों में से 15 परसेंट गांव में ही योजना सफल नहीं दिख रही है अधिकांश ग्रामों में पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं है और शासन द्वारा करोड़ों रुपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है।
इनका कहना है। पेयजल की समस्या को लेकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से कितने गांव में योजना चालू कराई गई है।संबंध में संपूर्ण जानकारी मांगी जाएगी बिन्दुबार जांच होगी। मुनव्वर खान एसडीएम देवरी










