

बलौदा बाजार। जिले के अंबुजा सीमेंट संयंत्र से जुड़ा एक अत्यंत शर्मनाक और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। आरोप है कि महज 8 से 10 वर्ष के एक मासूम बच्चे को आम तोड़ते हुए देखने पर संयंत्र के सुरक्षा गार्डों द्वारा बेरहमी से पीटा गया। इस घटना का वीडियो भी तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है, जिससे लोगों में आक्रोश की लहर दौड़ गई है।
बताया जा रहा है कि बच्चा मासूमियत में पेड़ से आम तोड़ रहा था, तभी अंबुजा संयंत्र के सुरक्षा गार्डों की नजर उस पर पड़ी। इसके बाद जो हुआ, उसने मानवता को शर्मसार कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुरक्षा कर्मियों ने बच्चे के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए उसे बुरी तरह पीटा। मासूम की चीखें और डर से भरी आंखें इस घटना की भयावहता को बयां कर रही हैं।
इस घटना के सामने आते ही स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया। लोगों का कहना है कि गलती चाहे जो भी हो, लेकिन एक छोटे बच्चे के साथ इस तरह की क्रूरता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती। “क्या आम तोड़ना इतनी बड़ी सजा का हकदार था?” — यह सवाल अब हर किसी की जुबान पर है।
घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में आम नागरिक कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने दोषी सुरक्षा गार्डों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि समय रहते न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन और उग्र हो सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने इसे न केवल एक बच्चे के साथ अत्याचार बताया, बल्कि पूरे समाज की संवेदनशीलता पर चोट करार दिया। उनका कहना है कि उद्योगों को जहां रोजगार और विकास का प्रतीक माना जाता है, वहीं ऐसी घटनाएं उनके दायित्व और मानवीय मूल्यों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की सत्यता की पुष्टि की जा रही है। प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना केवल एक मासूम की पिटाई का मामला नहीं, बल्कि यह समाज के उस चेहरे को उजागर करती है जहां संवेदनाएं कहीं पीछे छूटती नजर आती हैं। अब देखना यह होगा कि क्या इस मासूम को न्याय मिल पाता है या यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा।



