

मकराना: मूल ओबीसी संघर्ष समिति तहसील मकराना ने सोमवार को तहसील अधिकारी महोदय को ज्ञापन सौंपकर राजस्थान राज्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग के अध्यक्ष से वास्तविक (मूल) पिछड़ा वर्ग की सामाजिक व राजनीतिक स्थिति का पुनर्मूल्यांकन करने तथा समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की। समिति ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 340 के अनुसार पिछड़े वर्गों की वास्तविक सामाजिक–आर्थिक स्थिति का अध्ययन कर उन्हें राजनीतिक अधिकार मिलने चाहिए, परंतु वर्तमान में ओबीसी की कई जातियों को उनके जनसंख्या अनुपात के अनुरूप प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। वर्ष 1999 के बाद राजस्थान सरकार द्वारा गठित रणवीर सहाय वर्मा आयोग (2001), रोहिणी आयोग और न्यायालयीन निर्णयों ने स्पष्ट किया कि कुछ जातियाँ राजनीतिक रूप से अत्यधिक लाभान्वित हैं जबकि वास्तविक पिछड़ी जातियों को बहुत कम लाभ मिला है। न्यायमूर्ति रोहिणी आयोग के अनुसार 27% आरक्षण का बड़ा हिस्सा कुछ ही जातियों को प्राप्त हुआ जबकि 2,633 जातियों को नगण्य लाभ मिला। समिति ने पंचायत राज व स्थानीय निकायों में भी मूल पिछड़ा वर्ग को कम अवसर मिलने की बात कही और कहा कि अधिकतर सीटों पर प्रभावी जातियों का वर्चस्व रहता है। ज्ञापन में आयोग से राज्यभर में मूल पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या एवं राजनीतिक स्थिति का सर्वे कराने, अंतर-वर्गीकरण कर आरक्षण पुनर्निर्धारित करने, अत्यधिक लाभ लेने वाली जातियों का अलग वर्गीकरण कर मूल पिछड़ा वर्ग को सुरक्षित राजनीतिक हिस्सा देने तथा समान प्रतिनिधित्व हेतु दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई। समिति ने कहा कि यदि मूल पिछड़ा वर्ग को न्याय नहीं मिला तो लोकतांत्रिक ढांचा कमजोर होगा और सामाजिक असंतुलन बढ़ेगाज्ञापन सौंपने वालों में रामदेव प्रजापत (अध्यक्ष, कुम्हार समाज सेवा समिति तहसील मकराना), महेश जांगिड़ (सरपंच, बरवाली), टीकमचंद दर्जी (नामदेव समाज सेवा समिति, बोरावड), मगेंज सिंह रावणा राजपूत (पूर्व सचिव, अखिल रावणा राजपूत सेवा संस्थान जयपुर) पूरणमल( सुरेश कुमावत) युवा नेता मूल ओबीसी राजस्थान,ताराचंद प्रजापत (उपाध्यक्ष, कुम्हार समाज सेवा समिति तहसील मकराना), सुनिल सोनी (स्वर्णकार समाज, बोरावड), रामाकिशन प्रजापत (जिला उपाध्यक्ष, कुम्हार महासभा नागौर), बाबूलाल स्वामी , गोपाल प्रजापत, कमल प्रजापत , ताराचंद प्रजापत (मकराना), बाबूलाल गेदर, डालूराम प्रजापत विकास सैनी , गिरधारीलाल धनारिया आदि शामिल थे




