
यूजीसी एक्ट के खिलाफ बिल्सी में सवर्ण समाज का उबाल, सरकार के खिलाफ फूटा गुस्सा सड़कों पर उतरे लोग,काला कानून वापस लो के लगे नारे, यूजीसी कानून भाजपा सरकार को पड़ सकता है भारी
बिल्सी: केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए यूजीसी एक्ट/रेगुलेशंस 2026 के विरोध में रविवार को कस्बा बिल्सी में सवर्ण समाज के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। वरिष्ठ भाजपा नेता शैलेंद्र शर्मा के नेतृत्व में सवर्ण समाज एवं कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए पैदल मार्च निकाला।शाम लगभग 6 बजे तहसील रोड स्थित सिटी कॉपलेक्स पर एकत्रित हुए प्रदर्शनकारियों ने “यूजीसी हाय-हाय” और “काला कानून वापस लो” जैसे नारों के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह कानून युवाओं और समाज के एक बड़े वर्ग के साथ अन्याय है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।प्रदर्शन को संबोधित करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि यूजीसी रेगुलेशंस 2026 के दुष्परिणाम भविष्य में ब्लैकमेलिंग जैसे आपराधिक कृत्यों के रूप में सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के युवाओं को भेदभाव से मुक्त, समानता आधारित व्यवस्था चाहिए, लेकिन यह कानून उसी भावना के विपरीत है.
युवा नेता अवधेश लड्ढा महेश्वरी ने कहा कि भाजपा सरकार यह बिल सवर्ण समाज के अधिकारों को समाप्त करने के उद्देश्य से लाई है। यह कानून आने वाली पीढ़ियों के लिए काला कानून साबित होगा और इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। भारतीय हलधरकिसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष बिजनेस सोलंकी ने कहा कि यह कानून समाज में जहर घोलने का काम करेगा और सामाजिक समानता को नष्ट करेगा, जिससे देश की एकता और सामाजिक ताना-बाना कमजोर होगा।विरोध प्रदर्शन सिटी कॉपलेक्स से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य बाजार, अटल चौक सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए पूरे नगर में भ्रमण करता रहा, जिससे पूरे कस्बे में विरोध की गूंज सुनाई दी।
प्रदर्शन में नगर के कई बुद्धिजीवी और सामाजिक लोग शामिल रहे, जिनमें तेज प्रताप सिंह, जयप्रकाश ओझा, अजीत गुप्ता, भानु प्रताप सिंह, संदीप कुमार सिंह, विनीत उपाध्याय, मुकेश शर्मा सहित तमाम कार्यकर्ता एवं सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि यह कानून वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
जिला संवाददाता विवेक चौहान

