
अजीत मिश्रा (खोजी)
🚨रक्षक ही निकला भक्षक: संतकबीरनगर में ₹8 लाख की ठगी करने वाला ‘वर्दीधारी’ गिरोह बेनकाब!🙉
⭐SOG और कोतवाली पुलिस का बड़ा ‘हंटर’: ठगी के ₹8 लाख और नकली वर्दी के साथ 2 गिरफ्तार!
⭐बच नहीं सके ‘पीली धातु’ के सौदागर: एसपी संदीप कुमार मीणा के नेतृत्व में ठगों पर पुलिस का काल बनकर टूटा प्रहार!
⭐पाई-पाई बरामद: ठगी के ₹8 लाख के साथ संतकबीरनगर पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुँचाए शातिर अपराधी!
ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश
⭐खाकी की आड़ में ‘पीला’ खेल: संतकबीरनगर पुलिस ने बेनकाब किया ठगी का शातिर चेहरा
संतकबीरनगर। अपराध और अपराधियों के खिलाफ योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के बीच संतकबीरनगर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने न केवल आम जनता को ठगा बल्कि खाकी की गरिमा को भी दागदार करने की कोशिश की। नकली सोना (पीली धातु) दिखाकर ₹8 लाख की सनसनीखेज ठगी करने वाले दो शातिर अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है।
💫ठगी का ‘मास्टर प्लान’ और पुलिस का शिकंजा
मामला तब प्रकाश में आया जब कुशीनगर के गल्ला व्यवसायी सन्नी कुमार गुप्ता ने शिकायत दर्ज कराई कि 23 मार्च को उन्हें नकली सोने के बिस्कुट थमाकर ₹8 लाख हड़प लिए गए। पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार मीणा के कुशल निर्देशन में गठित टीम ने जाल बिछाया और रविवार को 02 अभियुक्तों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों में से एक ‘होमगार्ड’ निकला, जो कानून की रक्षा की शपथ लेकर कानून की धज्जियां उड़ा रहा था।
💫बरामदगी ने उड़ाए होश: नोटों की गड्डी और नकली वर्दी
गिरफ्तार अभियुक्तों— प्रदीप कुमार राव (बस्ती निवासी) और संजय चौधरी (होमगार्ड, संतकबीरनगर)— के पास से पुलिस ने शत-प्रतिशत बरामदगी की है:
⚡नगद: ₹08 लाख (पूरी ठगी की रकम)
⚡धातु: 02 बिस्कुट (करीब 200 ग्राम पीली धातु)
⚡सामान: 03 मोबाइल, 01 आधार कार्ड और 01 मोटरसाइकिल (UP51 AS 5348)
🔔चौंकाने वाली बरामदगी: 01 सेट पुलिस वर्दी (मय बेल्ट व नेम प्लेट), जिसका इस्तेमाल संभवतः लोगों पर धौंस जमाने और ठगी को अंजाम देने के लिए किया जाता था।
💫अपराध का पुराना ‘कच्चा चिट्ठा’
पुलिस की जांच में सामने आया कि ये कोई पहली वारदात नहीं थी। अभियुक्त प्रदीप कुमार राव के खिलाफ पहले से ही धोखाधड़ी के कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, होमगार्ड संजय चौधरी ने खाकी की आड़ में इस पूरे षड्यंत्र को संरक्षण दिया। पुलिस ने इन पर बीएनएस (BNS) की गंभीर धाराओं 352, 318(4), 319(2) और 317(2) के तहत कार्रवाई की है।
🥗सराहनीय कार्य पर ₹25,000 का इनाम
इस चुनौतीपूर्ण केस का खुलासा करने वाली टीम (कोतवाली खलीलाबाद, SOG और सर्विलांस सेल) के उत्साहवर्धन के लिए पुलिस अधीक्षक ने ₹25,000 के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
ब्यूरो की तीखी टिप्पणी: यह मामला उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो सरकारी सेवा या वर्दी की आड़ में अपराध का साम्राज्य खड़ा करना चाहते हैं। जब रक्षक ही भक्षक बनने की राह पर चलें, तो पुलिस की ऐसी त्वरित कार्रवाई जनता के विश्वास को दोबारा बहाल करती है।



















