
पीलीभीत से बरेली जाने वाली सड़क पर शाही चौकी के पास एक स्वागत और को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यह द्वारा देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के नाम पर बनाया गया है, लेकिन इस पर उनकी तस्वीर आएगा। जिला पंचायत ने लाखों रुपए सरकारी धन लगाकर इस भव्य द्वार का निर्माण कराया था। इसका उद्देश्य पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को श्रद्धांजलि देना और उनके नाम को सम्मान देना था। हालांकि, द्वार पर वर्तमान प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, सांसद, कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और जिला पंचायत अध्यक्ष की तस्वीरें स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। इसके विपरीत जी पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई के नाम पर यह द्वारा समर्पित है, उनकी कोई तस्वीर वहां मौजूद नहीं है। इस स्थिति में पूर्व प्रधानमंत्री के सम्मान को लेकर बहस छोड़ दी है। स्थानीय लोगों और राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठाए जा रहा है। कि क्या पूर्व प्रधानमंत्री का सम्मान केवल नाम तक सीमित रह गया है।












