*ग्राम बनवाड़ा में दिनांक 05/12/2024 को विश्व मृदा दिवस पर किसान संगोष्ठी का आयोजन*
ग्राम बनवाड़ा में सोलिडारीडाड संस्था द्वारा विश्व मृदा दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रमुख कृषि विशेषज्ञों ने भाग लिया और किसानों को उन्नत खेती, पोषण प्रबंधन, प्राकृतिक खेती, सरकारी योजनाओं और फसल प्रबंधन की जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) कालूखेड़ा के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. सर्वेश त्रिपाठी ने पोषण प्रबंधन के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि फसलों के बेहतर विकास और अधिक उत्पादन के लिए मिट्टी में सही मात्रा में पोषक तत्वों का होना आवश्यक है। वहीं, मृदा वैज्ञानिक श्री शीशराम झाकड़ ने मिट्टी परीक्षण के महत्व पर चर्चा करते हुए बताया कि यह प्रक्रिया मिट्टी की पोषण आवश्यकताओं को समझने और उर्वरकों के सही उपयोग में मदद करती है।
कृषि विस्तार अधिकारी श्री बंदू सिंह अलावा ने प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों और उसके लाभों को साझा किया। उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के कम उपयोग से न केवल मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है, बल्कि पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, और मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना जैसी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।
ब्लॉक परियोजना अधिकारी श्री कृपाल सिंह ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 और कृषि उपकरण कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) की सुविधाओं के बारे में बताया। सोलिडारीडाड संस्था से श्री राहुल गहलोत ने रबी फसल में एकीकृत कीट प्रबंधन पर चर्चा करते हुए जैविक तरीकों से कीटों के नियंत्रण और फसल सुरक्षा उपायों पर जोर दिया।
कार्यक्रम के अंत में विशेषज्ञों ने किसानों के उत्साह और सक्रिय सहभागिता की सराहना की। संगोष्ठी में शामिल किसानों ने अपनी समस्याओं के समाधान और नई तकनीकों की जानकारी पाकर इसे लाभदायक बताया।
इस संगोष्ठी ने किसानों को नई कृषि तकनीकों और ज्ञान से सशक्त किया है, जिससे उनकी खेती में सुधार और उत्पादकता बढ़ने की संभावना है। इस प्रकार के आयोजन किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।