

संत निरंकारी आध्यात्मिक साप्ताहिक सत्संग कबरई महोबा में हुआ सम्पन्न
संत निरंकारी मिशन आपस में प्रेम करना सीखना है आपसी भाईचारा और सेवा भाव लिए आज संत महात्मा जी के विचारों में उन्होंने कहा कि सत्संग से मन निर्मल होता है निर्मल मन ही ईश्वर की भक्ति में लगता है सत्संग में आने से संतों के वचनों को श्रवण करने से और उनको अपने से मन में निर्मलता आती है सत्संग एक गंगा है इसमें नहाने से मन में निर्मलता आती है और जो इस गंगा में नहाता है उसका बेड़ा पार हो जाता है और इस परमात्मा की भक्ति में मन लगने लगता है सभी मैं वह गुण ही देखा हर इंसान में रामे राम के दर्शन पता है एक नूर दे सब जग उपजा एक परमात्मा की ही यह सारी रचना है सत्संग में संत महात्माओं ने अपने विचार कविता और गीतों के द्वारा इस प्रभु परमात्मा के गुणगान की जिसमें महात्मा बबलू जी विदित जी अखिलेश जी राजेंद्र जी लक्ष्मी जी वह सेवा दल बहन शांति जी प्रियंका जी दीक्षा जी आदि उपस्थित रहे सतगुरू मैन सुदीक्षा जी के जयकारों के साथ सत्संग का समापन किया गया







