
मंडला आपने अपने को क्यों नजर अंदाज कर रखा है अनादि काल से पुरुष प्रधान संपूर्ण विश्व में नारी को वह सम्मान या दर्जा आज तक प्राप्त नहीं हुआ जिसकी वह स्वयं हकदार है पुरुष को अत्यधिक बलशाली एवं महिला को निर्बल समझ कर उन्हें वह एहसास शुरू से दिलाया गया पुरुष के निर्देशन में कार्य करे एवं पारिवारिक दायित्वों का प्रबंधन करें एक सोच आपके अंदर एक जिज्ञासा रूप में काम करेगी शिक्षित समाज आज भी नारी या महिला की प्रगति उत्थान कहीं नहीं कहीं ईर्षा की भावना रखते हुए उन्हें रोक टोक या अन्य तरीकों से पीछे करने की कोशिश में लगे रहते है इस लेख के माध्यम से मैं समस्त नारी जाती से आग्रह करती हूं कि आप किसी भी उम्र में अपना ख्याल रखते हुए अपने आप पहचान कर सब कुछ कर सकती जो पूर्व में सोच कर रखा है बस यही एक अपनी सोच एहसास दिलाते हुए कुछ समय अपने लिए निकल कर अपने योग्यताएं आकांक्षाओं को पारिवारिक एवं सामाजिक दायरे के अंदर रखते हुए भी पूर्ण कर सकती बस एक पहल की आवश्यकता है एक सोच जो आपके अंदर एक जिज्ञासा के रूप में कार्य करेगी आप देखोगे अपने स्वयं के बदलाव में आपके बच्चे विशेष सहयोग बन कर आपका मानोबल बढ़ाएंगे आप आप अपनी संतान के लिए एक ऐसा परिवेश ला सकती जो आपके बेटियों के लिए कारगर साबित हो सकती है अधिकांश बेतिया अपने मां को परेशान देख कर अपने भविष्य को लेकर चिंतित हो जाती है अपने अपने जन्म से लेकर आज तक अपने छोटे छोटे सपनों को बुना है उन्हें कुछ हद तक पूर्ण करने की कोशिश करें अपनी दैनिक दिनचर्या का निर्वहन करते हुए थोड़ा वक्त अपने व्यक्तित्व स्वास्थ्य एवं सौंदर्य को संवारने में लगातार में आप अपने कार्य क्षमता में वृद्धि कर सकती है आपके विचारों को लिख कर गीत के रूप में या संगीत कविताओं नृत्य खेल के रूप में या अन्य कलाओं के रूप में उसको अपना कर अपनी अभूतपूर्ण क्षमताओं आंकलन स्वयं कर सकती है सभी दायित्व का स्वयं ही विवेक अनुसार सामाजिक दायरे वीडियो एवं पारिवारिक एवं सभा विशिष्ट सदस्यों का सम्मान निर्देश आशीर्वाद प्राप्त होगा आप देखेंगे आपके स्वयं का बदलाव में समाज एवं परिवार सहयोगी आपका मनोबल बढ़ाएगा 





