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हाथरस में ओयो होटल पर पुलिस का छापा: 12 युवक-युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े गए, पूछताछ जारी

थरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में पुलिस ने बीती देर रात एक ओयो होटल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 लड़कों और 8 लड़कियों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा

हाथरस में ओयो होटल पर पुलिस का छापा: 12 युवक-युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े गए, पूछताछ जारी

हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में पुलिस ने बीती देर रात एक ओयो होटल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 लड़कों और 8 लड़कियों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा। यह कार्रवाई जिले में चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के दौरान की गई। घटना के सामने आने के बाद से ही जिले में चर्चा का विषय बन गई है। पुलिस ने मौके पर मौजूद सभी युवाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

छापेमारी की पूरी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि शहर के कुछ ओयो होटल्स में अश्लील गतिविधियां और अनैतिक कार्य खुलेआम चल रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस की एक टीम ने छापेमारी की। जैसे ही पुलिस होटल के कमरों में पहुंची, वहां 12 युवक और 8 युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में मिले। पुलिस ने सभी को पकड़कर थाने ले जाया गया और होटल प्रबंधन से भी सख्त पूछताछ की जा रही है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
मामले के खुलासे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। उनका कहना है कि ओयो होटल्स की आड़ में अनैतिक कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। कई लोगों ने सवाल उठाए कि आखिर प्रशासन ऐसे होटलों को क्यों खुला रहने दे रहा है, जबकि आए दिन इसी तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं। लोगों ने मांग की कि दोषी होटल मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और होटल को सील किया जाए।

पुलिस की जांच और पूछताछ
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए सभी युवक-युवतियों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस होटल में देह व्यापार या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि का संचालन किया जा रहा था। पुलिस ने होटल से बरामद रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज को भी अपने कब्जे में ले लिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि होटल में किस-किस ने बुकिंग की और कौन-कौन लोग लगातार यहां आते रहे।

होटल प्रबंधन पर सवाल
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल होटल प्रबंधन की भूमिका पर खड़ा होता है। नियमों के अनुसार होटल में बुकिंग के समय सभी ग्राहकों का सही रिकॉर्ड रखना और आईडी प्रूफ की जांच करना जरूरी होता है। लेकिन अक्सर ओयो होटल्स में यह प्रक्रिया सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाती है। हाथरस का यह मामला भी इसी ढिलाई की ओर इशारा करता है।

ओयो होटल्स पर बढ़ते सवाल
पिछले कुछ समय से उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों से ओयो होटल्स में आपत्तिजनक गतिविधियों के मामले सामने आए हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर क्यों ओयो होटल्स इस तरह के मामलों में बार-बार फंसते हैं? क्या यह सिर्फ संयोग है या फिर इन होटलों का इस्तेमाल गलत गतिविधियों के लिए जानबूझकर किया जा रहा है?

प्रशासन की जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ पुलिस छापेमारी से समस्या खत्म नहीं होगी। जब तक जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग होटल्स की गतिविधियों पर सख्ती से नजर नहीं रखेंगे, तब तक ऐसे मामले सामने आते रहेंगे। प्रशासन को चाहिए कि हर होटल की नियमित जांच हो, होटल मालिकों को जवाबदेह बनाया जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस तुरंत रद्द किए जाएं।

निष्कर्ष
हाथरस का यह मामला एक बार फिर यह साबित करता है कि ओयो होटल्स की आड़ में अनैतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन यह भी जरूरी है कि होटल प्रबंधन और इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच हो। अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में कितनी कठोर कार्रवाई करते हैं और क्या यह कार्रवाई भविष्य में ऐसे होटलों पर लगाम लगाने में मदद करेगी या नहीं।

✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक — वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
उत्तर प्रदेश महासचिव — भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
📞 8217554083

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