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31 32 33 3738 41 दीपक अग्निहोत्री सी हाउस आउट सोर्स फिर दैनिक कर्मचारी है इसको एस आई पद से तत्काल अलग किया जाए कर्मचारियों से ट्रांसफर का पैसा अनाप-शनाप ट्रांसफर कर देना हर वार्ड के हवलदारों से पैसा लेना कि मैं ऐसा ही हूं मुझे पैसा चाहिए नहीं तो हाजिरी नहीं दूंगा यह है हमारे नगर निगम के सियो का काम हर वार्ड के हवलदारों से ₹10000 महीना मांग की गई जो देता है वह इनका चाहिता है जो नहीं देता है कमिश्नर डिप्टी कमिश्नर हेल्थ अधिकारी को शिकायत करते हैं जी और दीपक अग्निहोत्री जी का कहना है की ऊपर पैसा पहुंचना पड़ता है

Subhant malik

KATNI MP SUBHANT MALIK

*🔶 वंदे भारत टीवी न्यूज़ चैनल🔶* रिपोर्टर सुभान्त मलिक *अवैध धान भंडारण पर प्रशासन का कड़ा प्रहार* *हजारों क्विंटल धान जब्त, राइस मिलों में हड़कंप*कटनी। जिले में अवैध धान भंडारण और अनियमित कारोबार के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर गठित जांच दल ने स्लीमनाबाद तहसील सहित विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर हजारों क्विंटल धान जब्त किया है। इस कार्रवाई से जिले की राइस मिलों और कृषि व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।*प्रमुख कार्रवाई और जब्ती का विवरण* जांच दल द्वारा विभिन्न कृषि फर्मों और राइस मिलों का गहन निरीक्षण किया गया, जिसमें भारी अनियमितताएं सामने आईं... *जय हनुमान राइस मिल, बरखेड़ा:* यहां 608 क्विंटल धान का भंडारण पाया गया। हालांकि 570 क्विंटल धान का मंडी शुल्क अदा किया गया था, लेकिन रिकॉर्ड में विसंगतियों के चलते पूरी 608 क्विंटल धान जब्त कर संचालक संतोष जायसवाल की सुपुर्दगी में दी गई।*प्रियांशु कृषि केंद्र:* यहां से 238 क्विंटल धान जब्त कर संचालक राकेश जायसवाल को सुपुर्द किया गया।*राधा ट्रेडिंग कंपनी, कृषि उपज मंडी:* गुरुवार को की गई जांच में 260 क्विंटल धान का स्टॉक पाया गया।*बड़े स्तर पर भंडारण:* माधवनगर स्थित नटराज फूड प्रोडक्ट (यूनिट-1 व 2) तथा लमतरा स्थित श्रीनिवासन राइस मिल के निरीक्षण में लगभग 21 हजार क्विंटल धान का विशाल भंडारण सामने आया।*प्रशासन की सख्त हिदायत* जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ राइस मिलर्स धान खरीदकर उसे चावल में परिवर्तित कर व्यापार कर रहे हैं। इस पर प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं— * सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना धान की निकासी नहीं होगी।* सभी स्टॉकों का अनिवार्य भौतिक सत्यापन किया जाएगा।* नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।*कार्रवाई का उद्देश्य* प्रशासन का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध जमाखोरी पर रोक लगाना, किसानों के हितों की रक्षा करना और कृषि उपज मंडियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। आगे भी जिलेभर में इसी तरह की सघन जांच जारी रहेगी।
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