
झांसी से कपिल शर्मा की रिपोर्ट
गुरसराय (झांसी): 5 दिन पहले स्कूटी लेकर घर से निकले बीटेक के छात्र का शव पोखर में मंगलवार की सुबह उतराता मिला।

शव मिलने की जानकारी होते ही वहाँ, लोगों की भीड़ एकत्र हो गयीं। सूचना पर पहुँचों पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिये भेजा।
सिगार निवासी शिक्षक अरविन्द पटेल का इकलौता पुत्र मृदुल (19) बीटेक प्रथम वर्ष का छात्र था। 4 दिसम्बर की शाम करीब 6 बजे वह स्कूष्टि लेकर चला गया था। जब काफी देर तक वह वापस नहीं आया ती परिजनों ने खोजबीन की। पता चला कि यह बामौर और खडेनी की और जाता दिखाई दिया गया था। इस पर बामौर में लगे सीसीटीवी कैमरे को जब चेक किया ती मृदुल बामौर की और जात दिखाई दिया। परिजनों ने मृदुल का फोन लगाया तो वह स्विच ऑफ आ रहा था। जब मृदुल का कहीं पता नहीं चला तो अनहोनी की आशंका पर परिजनों ने गुरसराय थाने में सूचना दी। पुलिस नै गुमशुदगी दर्ज कर ली।
इधर, परिजन भी अपने स्तर से मृदूल की तलाश करने लगे। जब 2 दिन तक मृदुल का कही पता नहीं चला तो 6 दिसंबर को परिजनों ने झांसी में एसएसपी कार्यालय जाकर मृदुल का पता लगाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। एसएसपी ने मामले की गम्भीरता से लेकर स्पेशल टीम गठित कर लापता युवक का पता लगाए जाने के निर्देश दिये। इधर टीम युवक का पता लगा रही थी कि मगलवार की सुबह करीब 10 बजे बामौर रोड पर किनारे बनी पोखर में एक युवक का शव उतराता मिला। पोखर में शव मिलने की खबर से वहाँ लोगों की भीड़ एकत्र हो गयी। ग्रामीणों ने शव की पहचान मृदुल के रूप में की। इधर सूचना पर परिजन भी मौके पर पहुँच गए। सूचना पाकर गुरसराय पुलिस भी आ गयी। पुलिस ने पोखर से शव निकाला और उसे पोस्टमॉर्टम के लिये भेज दिया।
बताया गया कि युवक के चेहरे से त्वचा गायब थी। लोगों का अनुमान है कि चेहरे की खाल को मछलियाँ खा गई होंगी। मृदुल गले में चैन तथा कान में बाली पहने था। दाहिने साथ में कलावा भी बंधा था। एक जैकेट अंदर इनर तथा पेंट पहना था। जिससे उसकी पहचान की गयी। मृदुल के दादा रामप्रकाश निरंजन गुरसराय के खैर इण्टर कॉलिज में अध्यापक थे, जो सेवानिव है। मृदूल के पिता अरविन्द सरकारी अध्यापक है। और सिंगार में निवास करते है। मृदुल परिवार का इकलौता पुत्र था। पुत्र की मौत की ख़बर सुनते ही परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।
“पोखर में नाव से की स्कूटि की तलाश”
मृदुल जब घर से निकला था तो वह स्कूटि लेकर गया था, लेकिन जिस पोखर में उसका शव मिला है, वहाँ आसपास कही भी उसकी स्कूटि दिखाई नहीं दी। परिजनों व ग्रामीणो ने काफी खोजबीन की लेकिन मृदुल की स्कूटि का कहीं पता नहीं चल सका। इस पर पोखर में स्कूटि की तलाश की गयी। इसके लिये एरच से छोटी नाव मंगाई गयी। इसके बाद लोगों ने स्कूटि को पोखर में ढूँढने का प्रयास किया, लेकिन स्कूटि का पता नहीं चला।



