ड्डा : शहर के नहर चौक स्थित शिक्षक सदन में रोड स्थित हिन्दी एवं अंगिका भाषा शोध संस्थान के तत्वावधान में होली मिलन समारोह सह कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अंगिका के मूर्धन्य साहित्यकार डा. अमरेन्द्र एवं अंगिका के प्रेमचंद कहे जाने वाले अनिरुद्ध प्रसाद विमल बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
डा. अमरेन्द्र ने कहा कि गोड्डा एक ऐसा क्षेत्र है जहां अंगिका के आदिकवि सहित अनेक कवियों की जन्मभूमि रही है। इस क्षेत्र में अंगिका का भविष्य बहुत उज्ज्वल है और यहां के युवा कवियों को प्रोत्साहन दिया। अनिरुद्ध प्रसाद विमल ने कहा कि अंग प्रदेश की भूमि में अंगिका भाषा के उत्थान के लिए उनका जीवन समर्पित रहा है। नए कवि और लेखक कैसे आगे बढ़े इसके लिए उनकी साहित्य साधना लगातार जारी है।
अखिल भारतीय हिन्दी साहित्य परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय कुमार भारती, हिन्दी एवं अंगिका भाषा शोध संस्थान के निदेशक डा. प्रदीप प्रभात, झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव चक्रधर यादव, अखिल भारतीय अंगिका साहित्य कला मंच झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष डा. कयूम अंसारी, डा. राधेश्याम चौधरी, अनंत नारायण दुबे, शिवनारायण यादव, नवीन चन्द्र ठाकुर, डा.राधेश्याम चौधरी, ओमप्रकाश मंडल, संतोष कुमार मंडल, प्रकाश यादव, विपुल कुमार दुबे, अनामिका मिश्रा,त्रिमाला कुमारी, शैलेन्द्र राम, शिवेंद्र सिंह, रमाकांत , अजयकांत यादव आदि ने भी विचार व्यक्त किए। करीब दो घंटे तक चले कवि सम्मेलन में विभिन्न कवियों ने अपनी-अपनी प्रस्तुति देकर सबका मन मोह लिया। मंच का संचालन अखिल भारतीय हिन्दी साहित्य परिषद, गोड्डा के अध्यक्ष डा. मनोज कुमार राही ने किया।