

निवाड़ी। निवाड़ी जिले में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रगति लाने के उद्देश्य से दिनांक 08 जनवरी 2025 को कलेक्टर सभागार में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर महोदया द्वारा की गई, जिसमें कृषि एवं संबंधित विभागों की विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
फसल विविधीकरण और प्राकृतिक खेती पर विशेष जोर
बैठक के दौरान कलेक्टर महोदया ने जिले में फसल विविधीकरण, जैविक खेती एवं प्राकृतिक खेती के रकबे को बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ वैकल्पिक फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के निर्देश
पशुपालन क्षेत्र की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जिले में पशुओं के टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान एवं अन्य पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया, ताकि दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो और किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकें।
उद्यानिकी और संरक्षित खेती को बढ़ावा
उद्यानिकी विभाग को निर्देशित किया गया कि सेड नेट एवं पॉली हाउस के माध्यम से उद्यानिकी फसलों के रकबे में वृद्धि की जाए। इससे किसानों को उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी आमदनी बढ़ेगी।
सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा
जिले में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए कमांड एरिया विकास पर भी विशेष चर्चा की गई। कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर अधिक से अधिक कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाए।
विभिन्न विभागों के अधिकारी व विशेषज्ञ रहे उपस्थित
बैठक में जल संसाधन विभाग, नाबार्ड, कृषि विज्ञान केंद्र दतिया के कृषि वैज्ञानिक, एमपी एग्रो, सामाजिक न्याय विभाग, सहकारिता विभाग, उद्यान विभाग, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग, आजीविका मिशन, पतंजलि के जिला नोडल अधिकारी एवं सृजन संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में कलेक्टर महोदया ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।




