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फरीदपुर (बरेली)। आर. के. इंस्टीट्यूट मेडिकल साइंस बुखारा रोड दियोरनियां में बीएससी नर्सिंग सेमेस्टर छ की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं से नकल के नाम पर प्रधानाचार्य द्वारा 25 हज़ार रुपए मांगे गए

बीएससी नर्सिंग की छात्राओं एवं छात्रों ने प्रधानाचार्य पर लगाए गंभीर आरोप, एसडीएम से शिक़ायत -आर के इंस्टीट्यूट मेडिकल साइंस दियोरनियां का मामला

बीएससी नर्सिंग की छात्राओं एवं छात्रों ने प्रधानाचार्य पर लगाए गंभीर आरोप, एसडीएम से शिक़ायत
-आर के इंस्टीट्यूट मेडिकल साइंस दियोरनियां का मामला
फरीदपुर (बरेली)। आर. के. इंस्टीट्यूट मेडिकल साइंस बुखारा रोड दियोरनियां में बीएससी नर्सिंग सेमेस्टर छ की पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं से नकल के नाम पर प्रधानाचार्य द्वारा 25 हज़ार रुपए मांगे गए। रूपए न देने पर आज की परीक्षा से छात्र-छात्राओं को विद्यालय से बाहर निकाल दिया और चाइल्ड हेल्थ नर्सिंग की परीक्षा से वंचित कर दिया गया। छात्र-छात्राओं का आरोप है कि सेमेस्टर 6 की परीक्षा के लिए नकल कराने के नाम पर कॉलेज के प्रधानाचार्य शिव शंकर त्यागी एवं फैकल्टी श्रीमती रजनी सिंह द्वारा हम सभी का मानसिक रूप से परेशान किया जाता है आर्थिक क्षति पहुंचाई जाती है। 2 मिनट लेट हो जाने पर ₹500 नगद या प्रधानाचार्य व्यक्तिगत खाते में रुपया लेते हैं। पीड़ित छात्रों ने बताया कि प्रधानाचार्य कभी-कभी शराब पीकर आते हैं और दुर्व्यवहार करते हैं। डंडों से मारते हैं। छात्र-छात्राओं का आरोप है की पूरी फीस जमा होने के बाबजूद भी नकल करने के नाम पर पच्चीस हजार रुपए न देने पर धक्का मार कर आज विद्यालय से बाहर निकाल दिया और प्रधानाचार्य द्वारा लिखी गई पुस्तक सियोर सक्सेस नर्सिंग पार्ट 1 को खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है दबाव में कई छात्र छात्राओं द्वारा किताब खरीदी भी गई है। पीड़ित आदर्श सिंह, नीरज, सरिता, हेमवती, कीर्ति, दिनेश, सागर, अभिषेक, अंकित, सुसेन, मोर पाल, अभिनेश आदि दर्जनों छात्र-छात्राएं उप जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। प्रधानाचार्य शिव शंकर त्यागी से फोन पर वार्ता की लेकिन विद्यालय में बच्चों की परीक्षा के दौरान अनुपस्थित का कारण नहीं बता सके। जानकारी के अनुसार छात्रों के द्वारा शिकायत करने की खबर जैसे ही प्रधानाचार्य को लगी कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को बुलाकर सोमवार की छूटी हुई परीक्षा दोपहर बाद सोमवार को ही करा ली गई। वरिष्ठ समाजसेवी अमित कुमार सिंह तोमर एडवोकेट ने कहां की गुरुजनों द्वारा ऐसा व्यवहार उचित नहीं है। छात्रों पर हो रहे शोषण और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ की कड़ी निंदा करते हुए छात्रों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा देने की मांग की है। यदि न्याय नहीं मिला तो मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे।

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