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विराट हिंदू सम्मेलन: शंखनाद के साथ जागृत हुआ सनातन स्वाभिमान, पीलीभीत में उमड़ा जनसैलाब

रिपोर्टर अमित दीक्षित

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पीलीभीत। जनपद के माता यशवंतरी देवी मंदिर प्रांगन में आयोजित ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ ने रविवार को एक नया इतिहास रच दिया। यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक चेतना और राष्ट्रबोध का एक सशक्त मंच बनकर उभरा। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने संगठित हिंदू समाज का स्पष्ट संदेश दिया।

भव्य कलश यात्रा और मातृशक्ति का प्रदर्शन

​सम्मेलन की शुरुआत से पूर्व मातृशक्ति द्वारा विशाल टॉकीज से माता यशवंतरी देवी मंदिर तक एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। महिलाओं की भारी भागीदारी ने इस आयोजन को एक जन-आंदोलन का स्वरूप दे दिया और यह सिद्ध किया कि सनातन संस्कृति के संरक्षण में नारी शक्ति की भूमिका केंद्रीय है। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मठ-मंदिरों के प्रमुखों द्वारा स्वस्तिवाचन और शंखनाद के साथ किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन

​सम्मेलन में बच्चों और युवाओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने देशभक्ति का जोश भर दिया:

  • शेमराक किरण स्कूल: नन्हे बच्चों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत किया।
  • वीर शिवाजी बाल संस्कार केंद्र: बच्चों की देशभक्ति कविताओं ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
  • शिव तांडव: अंकुर मौर्य और मनोज राणा की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
  • ओजस्वी कविता: अविनाश चंद्र मिश्रा की कविता ने राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रज्वलित किया।

प्रमुख वक्ताओं के विचार

  • सुनील कौशल महाराज (मुख्य अतिथि): श्रीधाम वृंदावन से पधारे महाराज जी ने हिंदुत्व जागरण, हिंदू संगठन की आवश्यकता और सशक्त भारत की संकल्पना पर जोर देते हुए समाज को संगठित होने का संदेश दिया।
  • नरेश विकल (मुख्य वक्ता): उन्होंने कहा कि जाति और पंथ भिन्न हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्र और धर्म के प्रश्न पर समस्त हिंदू समाज को एकजुट होना होगा। उन्होंने संघ के ‘पंच परिवर्तन’ (पर्यावरण, नागरिक कर्तव्य, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी और सामाजिक समरसता) को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
  • पूजा दास (विशिष्ट अतिथि): राष्ट्र सेविका समिति की प्रचार प्रमुख ने बाल संस्कार और संस्कृति संरक्षण पर अपने विचार रखे।
  • सरदार शेर सिंह: बड़ा गुरुद्वारा के प्रधान सेवक ने कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

आयोजन की सफलता में इनका रहा सहयोग

​कार्यक्रम का कुशल संचालन दुर्गेश आर्य द्वारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में विभाग संचालक ओमप्रकाश, जिला प्रचारक दुष्यंत कुमार, नगर प्रचारक कुलदीप कुमार सहित राजेश वाजपेयी, स्वतंत्र देवल, अमित गुप्ता और संजीव कुमार जैसे अनेक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही।

निष्कर्ष: यह सम्मेलन आस्था से आगे बढ़कर सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने वाला सिद्ध हुआ।

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