
पिठौरिया में भीषण सड़क हादसा: डिवाइडर से टकराई बाइक, युवती गंभीर रूप से घायल; आधे घंटे तक नहीं पहुंची एंबुलेंस।।
रिपोर्टर/राशीद अंसारी
रांची (पिठौरिया)। पिठौरिया थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसा मुड़हार पहाड़ के समीप उस समय हुआ जब पिठौरिया से कांके की ओर जा रही एक तेज रफ्तार बाइक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक पर सवार युवती के सिर में गंभीर चोट लग गई और वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ी।
मिली जानकारी के अनुसार बाइक संख्या JH 01EM 9133 पर सवार नित्य कुमारी (सोसो निवासी) अपने मित्र आयुष कुमार (चंद्र मायापुर निवासी) के साथ कांके की ओर जा रही थीं। इसी दौरान मुड़हार पहाड़ के पास बाइक अचानक संतुलन खो बैठी और डिवाइडर से टकरा गई।
हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल युवती को संभालते हुए प्राथमिक सहायता दी। सूचना मिलने पर पिठौरिया थाना के एसआई संतोष यादव पुलिस दल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों के सहयोग से गंभीर रूप से घायल नित्य कुमारी को बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है।
आधे घंटे तक नहीं पहुंची एंबुलेंस
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंच सकी। घायल युवती की हालत गंभीर होते देख ग्रामीणों ने मानवता का परिचय देते हुए उसे मालवाहक टेंपो में बैठाकर रांची के मेदांता अस्पताल भेजा।
परिवार की हालत भी बेहद कमजोर
ग्रामीणों ने बताया कि घायल युवती का पारिवारिक हालात काफी दयनीय है। बताया जाता है कि नित्य कुमारी के पिता स्वर्गीय सावन उरांव की भी पहले एक सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उनकी मां पर है, जो मजदूरी (रेजा का काम) कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करती हैं। हादसे की खबर मिलते ही गांव और परिवार में चिंता और दुख का माहौल है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं और “RIMS-2” जैसे नए संस्थान की घोषणा की जा रही है, लेकिन राजधानी रांची से सटे इलाके में भी यदि सड़क दुर्घटना के बाद समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती, तो दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है।





