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सहारनपुर विकास प्राधिकरण (SDA) की जांच में बड़ा खुलासा: पत्रकारों को फंसाने की साजिश नाकाम, अवैध निर्माणकर्ता की खुली पोल

उपाध्यक्ष के निर्देश पर हुई जांच में साजिद सलमानी और खालिद पर लगे वसूली के आरोप निकले झूठे; सचिव ने SSP को पत्र लिख कर दी क्लीन चिट

सहारनपुर विकास प्राधिकरण (SDA) की जांच में बड़ा खुलासा: पत्रकारों को फंसाने की साजिश नाकाम, अवैध निर्माणकर्ता की खुली पोल
उपाध्यक्ष के निर्देश पर हुई जांच में साजिद सलमानी और खालिद पर लगे वसूली के आरोप निकले झूठे; सचिव ने SSP को पत्र लिख कर दी क्लीन चिट

सहारनपुर। जनपद में भू-माफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं द्वारा अपने गैर कानूनी कार्य छिपाने के लिए लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला करने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। उपाध्यक्ष, सहारनपुर विकास प्राधिकरण (SDA) द्वारा कराई गई एक गहन जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि पत्रकार साजिद सलमानी और अब्दुल खालिद पर ‘फर्जी जेई’ बनकर अवैध वसूली करने के जो आरोप अवैध निर्माणकर्ता सलीम ने लगाए गए थे, वे पूरी तरह से मनगढ़ंत, निराधार और बदले की भावना से प्रेरित थे। जांच रिपोर्ट के सामने आने के बाद अब यह साफ हो गया है कि अवैध निर्माणकर्ता सलीम अहमद ने प्रशासनिक तंत्र को गुमराह करने और पत्रकारों की आवाज दबाने के लिए कुछ कथित पत्रकारों के साथ यह षड्यंत्र रचा था।
*पूरा घटनाक्रम और षड्यंत्र का खुलासा:*
उपाध्यक्ष द्वारा कराई गई जांच में विकास प्राधिकरण के सचिव द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को भेजे गए आधिकारिक पत्र के अनुसार, पुराना कलसिया रोड (बाबर की कॉलोनी) निवासी सलीम अहमद ने लगभग 150 वर्ग मीटर के भूखंड पर बिना किसी स्वीकृत मानचित्र के अवैध रूप से भूतल पर हॉल और प्रथम तल पर निर्माण किया था। उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की सुसंगत धाराओं के तहत प्राधिकरण ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 13 अक्टूबर 2025 को इस निर्माण को पूर्णतः सील कर दिया था।
*सील तोड़कर संचालित हो रही थी आरा मशीन:*
प्रकरण में नया मोड़ तब आया जब पत्रकार अब्दुल खालिद ने 30 दिसंबर 2025 को आईजीआरएस (IGRS) संदर्भ संख्या 40013225042787 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई कि निर्माणकर्ता ने अधिकारियों से दुरभी संधि कर सील तोड़ दी है और वहां अवैध रूप से लकड़ी का कारखाना (आरा मशीन) संचालित कर रहा है। 17 फरवरी 2026 को जब विभागीय टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया, तो शिकायत शत-प्रतिशत सही पाई गई—न केवल सील टूटी हुई थी, बल्कि आवासीय क्षेत्र में अवैध रूप से आरा मशीन चल रही थी, जिससे स्थानीय लोगों में भी भारी आक्रोश था।

*बचाव के लिए रची ‘वसूली’ की झूठी कहानी:*
अपनी अवैध गतिविधियों पर कानून का शिकंजा कसता देख, सलीम अहमद ने 9 मार्च 2026 को होने वाली पुनः सीलबंदी की कार्रवाई से बचने के लिए साजिद सलमानी और अब्दुल खालिद पर यह झूठा आरोप मढ़ दिया कि वे खुद को एसडीए का अवर अभियंता (JE) बताकर उससे अवैध वसूली कर रहे हैं। हालांकि, प्राधिकरण सचिव की जांच में इस आरोप की पुष्टि के लिए कोई भी साक्ष्य या तथ्य प्राप्त नहीं हुआ। जांच में यह सिद्ध हुआ कि पत्रकारों द्वारा की गई शिकायत के कारण ‘पेशबंदी’ (बदले की कार्रवाई) के तौर पर सलीम द्वारा झूठा प्रार्थना पत्र दिया गया था।

*अब निर्माणकर्ता पर गाज गिरना तय:*
एसडीए सचिव ने एसएसपी सहारनपुर से इस प्रकरण में जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। सचिव के इस पत्र से अब पत्रकारों के विरुद्ध दर्ज कराई गई एफआईआर में ‘फाइनल रिपोर्ट’ (FR) लगने की संभावना प्रबल हो गई है। दूसरी ओर, प्रशासन को गुमराह करने, अवैध निर्माण करने और सील तोड़ने के संगीन आरोपों में अवैध निर्माणकर्ता सलीम अहमद के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई और भारी जुर्माने की तैयारी कर ली गई है।

 

✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
ब्यूरो प्रमुख – हलचल इंडिया न्यूज़
ब्यूरो प्रमुख – दैनिक आशंका बुलेटिन, सहारनपुर

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