
अजीत मिश्रा (खोजी)
🚨बस्ती: गुंडा एक्ट भी जिसे न सुधार सका, वो बुलेट सवार तस्कर अब सलाखों के पीछे🚨
सफेदपोश तस्कर का पर्दाफाश: आधा दर्जन मुकदमों के बाद भी जारी था मौत का व्यापार।
कानून को ठेंगा: गुंडा एक्ट के बावजूद बेखौफ था नितेश साहू, पुलिस ने मुर्दहवा पुल पर दबोचा।
अपराध का ‘बुलेट’ मोड: आखिर क्यों बेअसर साबित हो रही शातिर अपराधियों पर सख्ती?
बस्ती पुलिस की बड़ी कामयाबी, पर सवाल बरकरार- आदतन अपराधियों में कब पैदा होगा खौफ?
✍️ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल, उत्तर प्रदेश
बस्ती। उत्तर प्रदेश में अपराधियों के हौसले पस्त करने का दावा करने वाली पुलिस के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है, लेकिन यह सफलता सिस्टम पर कई गंभीर सवाल भी छोड़ती है। हर्रैया पुलिस ने आधी रात को मुर्दहवा पुल के पास घेराबंदी कर शातिर गांजा तस्कर नितेश साहू उर्फ रोहित को गिरफ्तार किया है। बिना नंबर की बुलेट पर सवार यह ‘सफेदपोश’ जहर का सौदागर पुलिस की आंखों में धूल झोंकने की फिराक में था, पर इस बार किस्मत ने दगा दे दिया।
🚨आधी रात का ‘ऑपरेशन क्लीन’
हर्रैया प्रभारी निरीक्षक तहसीलदार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर मुर्दहवा पुल के पास जाल बिछाया। अंधेरे का फायदा उठाकर निकल रहे नितेश साहू को जब रोका गया, तो उसकी बुलेट की रफ्तार के साथ-साथ उसके चेहरे की हवाइयां भी उड़ गईं। तलाशी के दौरान उसके पास से 980 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। बिना नंबर की बाइक का इस्तेमाल यह साफ जाहिर करता है कि तस्करी का यह खेल कितना शातिर और सुनियोजित था।
⭐समीक्षात्मक नजरिया: क्या सिर्फ गिरफ्तारी काफी है?
इस गिरफ्तारी ने हर्रैया पुलिस की मुस्तैदी पर मुहर तो लगा दी है, लेकिन अपराधी का प्रोफाइल चौंकाने वाला है। पकड़े गए आरोपी नितेश साहू पर पहले से ही आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। इतना ही नहीं, प्रशासन उस पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी कर चुका है।
👉बड़ा सवाल: आखिर क्या वजह है कि गुंडा एक्ट जैसी सख्त कार्रवाई के बावजूद अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा नहीं हो रहा? अगर एक अपराधी आधा दर्जन मुकदमों के बाद भी खुलेआम बिना नंबर की गाड़ी पर मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा है, तो यह हमारी न्यायिक प्रक्रिया और निगरानी तंत्र की ढिलाई को भी दर्शाता है।
🚓पुलिस टीम की तत्परता
निश्चित रूप से प्रभारी निरीक्षक तहसीलदार सिंह और उनकी टीम (SI रुदल बहादुर सिंह, HC वरुण रॉय, सौरभ त्रिपाठी, कांस्टेबल पंकज यादव, आनंद सिंह और रोशन शुक्ला) बधाई की पात्र है। पुलिस ने NDPS एक्ट की धारा 8/20 के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को न्यायालय भेज दिया है।
⚡नशे का यह कारोबार बस्ती की युवा पीढ़ी की रगों में जहर घोल रहा है। पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन जरूरत इस बात की है कि ऐसे ‘आदतन अपराधियों’ के खिलाफ ऐसी नजीर पेश की जाए कि वे जेल की सलाखों से बाहर आने के बाद दोबारा समाज को दूषित करने का साहस न जुटा सकें। बुलेट की गड़गड़ाहट और गांजे की महक के पीछे छिपे इस काले साम्राज्य की जड़ों पर प्रहार होना अभी बाकी है।⚡






















