आगर-मालवा। बेटियों को सिर्फ पढ़ाने नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाकर पुलिस सेवा तक पहुंचाने की दिशा में जिले में बड़ा कदम उठाया गया है। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत गुरुवार को नेहरू कॉलेज, आगर में ‘सशक्त वाहिनी’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से जिले की करीब 100 बालिकाओं को शैक्षणिक एवं शारीरिक प्रशिक्षण देकर पुलिस भर्ती सहित प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा।
कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना एवं जिला पंचायत सीईओ बीएस सोलंकी के मार्गदर्शन में शुरू किए गए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ नियमित फिजिकल ट्रेनिंग भी दी जाएगी। प्रशिक्षण का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें पुलिस सेवा में प्रवेश के लिए आवश्यक शैक्षणिक एवं शारीरिक दक्षता विकसित करना है।
*पुलिस अफसर बनने की राह में मिला अनुभव का मंत्र*
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता कंपनी कमांडर कविता सोलंकी ने बालिकाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने पुलिस सेवा में अपने अनुभव साझा करते हुए भर्ती प्रक्रिया, तैयारी की रणनीति और लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आवश्यक मेहनत एवं अनुशासन के बारे में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बालिकाओं को नियमित अभ्यास और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
*‘लक्ष्य तय करें, मेहनत से पीछे न हटें’*
जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव गुप्ता ने बालिकाओं से कहा कि वे ‘सशक्त वाहिनी’ को अपने भविष्य को मजबूत बनाने के अवसर के रूप में लें। पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने के साथ नियमित शारीरिक अभ्यास करें और अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्पित होकर आगे बढ़ें।
नेहरू कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीपी चतुर्वेदी ने भी बालिकाओं को शिक्षा को सफलता की पहली सीढ़ी बताते हुए बेहतर भविष्य के लिए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित किया।
सशक्त वाहिनी का संदेश साफ है—बेटी पढ़ेगी, शारीरिक रूप से मजबूत बनेगी और अपने सपनों की वर्दी तक पहुंचेगी।