जल संरक्षण के लिए आगे आना होगा क्षेत्रवासी को , पानी की हर बूंद है अनमोल : विशाल कुमार मारू

जिला ब्योरों गोपाल मारु की खास रिपोर्ट
सरदारपुर । क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण जलस्तर में गिरावट देखने को मिल रही है।
इसका प्रभाव कहीं न कहीं आम जनजीवन पर पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में जल संरक्षण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
यह बात भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट (रजि.) के तहसील सहसचिव विशाल कुमार मारू ने क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जल हमारे जीवन का आधार है।
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए हमें पानी के महत्व को समझना होगा और उसका उपयोग सोच-समझकर करना होगा। यदि समय रहते जल संरक्षण के प्रति जागरूकता नहीं दिखाई गई, तो भविष्य में जल संकट जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
मारू ने समस्त क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे पानी का अनावश्यक उपयोग न करें, नलों को खुला न छोड़ें, आ रो के वेस्ट पानी का उपयोग, घरेलू कार्यों में जल का सीमित उपयोग करें तथा पानी को व्यर्थ बहने से रोकें। साथ ही अपने परिवार, आसपास के लोगों और समाज को भी जल संरक्षण के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। आज हम पानी की एक-एक बूंद बचाएंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित कर पाएंगे।
इसलिए सभी क्षेत्रवासी जल संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और जल को व्यर्थ बहने से रोकने में अपना सहयोग प्रदान करें। ग्राम पंचायत के उपसरपंच नारायण भट्ट से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि गांव एवं मजरों में स्थित छोटे-छोटे तालाबों में पशुओं के पीने के लिए पानी उपलब्ध है।
इसके बावजूद कुछ किसानों द्वारा मोटर चलाकर सिंचाई के लिए पानी का उपयोग किया जा रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए एसडीएम एवं तहसीलदार को लिखित में शिकायत दी गई है।
साथ ही, इस संबंध में कार्रवाई करते हुए मोटर एवं अन्य उपकरणों की जब्ती भी करवाई गई है।उन्होंने बताया कि गांव में पेयजल की समस्या को देखते हुए फिल्टर प्लांट के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। उपसरपंच नारायण भट्ट ने आगे कहा कि जिन नालों में पानी रोकने के लिए टेटियां (जल अवरोधक संरचनाएं) नहीं बनी हैं, उनका वे स्वयं गांव-गांव और क्षेत्र में घूमकर सर्वे कर रहे हैं।
जल्द ही आवश्यक व्यवस्थाएं कर नालों से व्यर्थ बहने वाले पानी को रोकने का प्रयास किया जाएगा, ताकि जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके और भविष्य में ग्रामीणों एवं पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। अंत में भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के सरदारपुर तहसील सहसचिव द्वारा सभी क्षेत्र वासियों से आग्रह किया कि जल का सदुपयोग करें, जल बचाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के जल संकट की स्थिति से बचा जा सके।
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