बिजली लाइसेंस विवाद पर सरकार सख्त, CM सैनी बोले- बिजली कर्मचारियों के साथ खड़ी है सरकार, HERC के फैसले को APTEL में देंगे चुनौती

Sandeep Sharma District Reporter Kurukshetra Haryana
गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का लाइसेंस दिए जाने के मामले में हरियाणा सरकार ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि वह बिजली कर्मचारियों के हितों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मौजूदा परिस्थितियों को लेकर प्रशासनिक सचिवों के साथ समीक्षा बैठक की और अधिकारियों को सभी विभागों में सक्रियता के साथ काम करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बिजली कर्मचारियों की यूनियनों से हड़ताल पर न जाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) के निर्णय के खिलाफ विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (APTEL) में अपील करेगी और मामले की मजबूती से पैरवी करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
यदि बिजली कर्मचारी यूनियन चाहें तो सरकार उनकी पसंद के वकीलों के माध्यम से भी इस मामले की पैरवी करवाने के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के साथ बातचीत के दरवाजे हमेशा खुले हैं और सरकार उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
त्योहारों में बिजली आपूर्ति बाधित न होने देने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी त्योहारों के मद्देनजर बिजली आपूर्ति और अन्य आवश्यक सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए सभी जरूरी प्रबंध किए जाएं। किसी भी स्थिति में आम जनता को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयारी करें, ताकि हड़ताल या किसी अन्य कारण से जनजीवन प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हड़ताल की आड़ में कोई असामाजिक तत्व अव्यवस्था फैलाने का प्रयास न करे।
अधिकारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहें और आवश्यक कदम उठाएं। मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को जिला स्तर पर कमेटियां गठित करने के निर्देश दिए।
ये कमेटियां अपने-अपने जिलों की स्थिति पर नियमित निगरानी रखेंगी और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित हाई-लेवल कमेटी को लगातार रिपोर्ट देंगी। इसका उद्देश्य बिजली आपूर्ति सहित जरूरी सेवाओं की स्थिति पर नजर रखना और किसी भी संभावित समस्या का समय रहते समाधान करना है।
सरकार ने नहीं मांगे थे निजी कंपनी के लिए आवेदन : अनिल विज
कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने इस मामले में सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि हरियाणा सरकार ने निजी कंपनी के माध्यम से बिजली आपूर्ति का लाइसेंस देने के लिए कोई आवेदन आमंत्रित नहीं किया था। उन्होंने बताया कि HERC के नियमों में ऐसा प्रावधान है, जिसके तहत कोई भी कंपनी लाइसेंस के लिए सीधे आवेदन कर सकती है।
विज ने कहा कि सरकार ने इंजीनियर्स एसोसिएशन के साथ मिलकर शुरुआत से ही निजी कंपनी को लाइसेंस दिए जाने का विरोध किया है। इस मुद्दे पर सरकार का रुख स्पष्ट रहा है और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए संबंधित निर्णय के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
बातचीत और कानूनी लड़ाई, दोनों रास्ते खुले
सरकार की ओर से बिजली कर्मचारियों को भरोसा दिया गया है कि निजी कंपनी को लाइसेंस दिए जाने के फैसले को चुनौती देने के लिए कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, मुख्यमंत्री ने यूनियनों से अपील की कि वे हड़ताल का रास्ता अपनाने के बजाय बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने में सहयोग करें।
सरकार का जोर इस बात पर है कि कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ-साथ बिजली आपूर्ति सामान्य बनी रहे और आम नागरिकों, उद्योगों तथा व्यापारिक गतिविधियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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