आगर-मालवा | 27 अक्टूबर।
किसानों की खेती बेहतर हो, पशुपालकों की आमदनी बढ़े और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे—इन्हीं प्राथमिकताओं के साथ कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना ने कृषि उत्पादन से जुड़े विभागों की समीक्षा की। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित एपीसी (एग्रीकल्चर प्रोडक्शन कमेटी) की बैठक में कृषि से लेकर मत्स्य पालन तक की योजनाओं का लेखा-जोखा लिया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सिर्फ लक्ष्य तय करना पर्याप्त नहीं, बल्कि निर्धारित समय में उनकी पूर्ति भी सुनिश्चित करनी होगी।
*खाद-बीज से लेकर उन्नत खेती तक, किसानों को मिले सहारा*
रबी सीजन को देखते हुए कृषि विभाग को खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही किसानों तक उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी पहुंचाने और उनका प्रचार-प्रसार बढ़ाने पर जोर दिया गया, ताकि खेती को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
*पशुपालन में टीकाकरण, दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी पर जोर*
पशुपालन विभाग को पशुओं का टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और शासकीय योजनाओं से पशुपालकों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। वहीं, सहकारिता विभाग और दुग्ध संघ को दुग्ध समितियों को मजबूत बनाने तथा दूध संकलन बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।
*उद्यानिकी का रकबा बढ़े, मत्स्य पालन को मिले गति*
बैठक में उद्यानिकी विभाग को उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाने और मत्स्य पालन विभाग को मत्स्य बीज उत्पादन में वृद्धि के साथ योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों से कहा कि शासन की हितग्राहीमूलक योजनाओं का क्रियान्वयन गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में किया जाए। पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने में देरी न हो और विभागीय लक्ष्यों की नियमित समीक्षा कर उनकी अनुपातिक पूर्ति सुनिश्चित की जाए।