जिला रिपोर्टर सुरेश चौहान आगर मालवा मध्य प्रदेश गर्भवती महिलाओं और बच्चों की सेहत पर कलेक्टर सख्त, बोले—एक भी हितग्राही योजनाओं से वंचित न रहे एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं

आगर-मालवा। गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन अब सख्ती के मूड में है। जिले में गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच और बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना ने स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एएनएम, आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आपसी समन्वय से काम करें, ताकि कोई भी गर्भवती महिला या बच्चा विभागीय योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के लाभ से वंचित न रहे।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्वास्थ्य एवं पोषण समिति की बैठक में कलेक्टर ने विभागीय योजनाओं और मैदानी स्तर पर चल रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं के पंजीयन के साथ ही उनकी एएनसी जांच और टीकाकरण की जानकारी पोषण ट्रैकर एप पर दर्ज की जाए। विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि समय रहते जरूरी उपचार और देखभाल उपलब्ध कराई जा सके।
*कुपोषण पर वार, बच्चों की नियमित निगरानी के निर्देश*
कलेक्टर ने बच्चों में कुपोषण की समस्या को गंभीरता से लेते हुए एसएएम (SAM) श्रेणी के बच्चों की पहचान के साथ ही उनकी भूख की जांच करने और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रयास ऐसे हों कि कोई भी बच्चा गंभीर तीव्र कुपोषण (एसएएम) से मध्यम तीव्र कुपोषण (एमएएम) की श्रेणी में जाने की स्थिति तक न पहुंचे और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हो।
आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली पर जोर देते हुए उन्होंने सभी सुपरवाइजरों को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नियमित भ्रमण और निरीक्षण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण की रिपोर्ट संबंधित एप पर दर्ज करने के साथ ही केंद्रों पर पाई जाने वाली कमियों को दूर करना भी सुनिश्चित करने को कहा।
*सक्षम आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण जल्द पूरा करें*
बैठक में सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण, पोषण वाटिका और रूफ वाटर हार्वेस्टिंग इकाइयों की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी स्वीकृत भवनों का निर्माण तत्काल शुरू करवाकर समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नवीन आंगनवाड़ी भवनों में पोषण वाटिका विकसित करने और वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और जल संरक्षण को बढ़ावा मिले।
*दो पीएचसी भवन अधूरे, स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कराने के निर्देश*
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सामने आया कि जिले में दो नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवन अभी तक स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित नहीं हुए हैं। इन केंद्रों पर चिकित्सकों की पदस्थापना होने के बावजूद भवन उपलब्ध नहीं होने से स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं। पैरामेडिकल स्टाफ की पदस्थापना का विषय भी बैठक में उठा।
इस पर कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश देहलवार को स्वास्थ्य संचालक के नाम अर्द्धशासकीय पत्र भेजकर पैरामेडिकल स्टाफ की पदस्थापना का प्रस्ताव तत्काल भेजने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माणाधीन दोनों पीएचसी भवनों का शेष कार्य संबंधित निर्माण एजेंसियों से शीघ्र पूरा करवाकर स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कराने को कहा।
*टीबी मरीजों को पोषण किट, टीकाकरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य*
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को संपूर्ण टीकाकरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने, गर्भवती महिलाओं के पंजीयन और प्रसव पूर्व जांच का दायरा बढ़ाने तथा टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उपचाररत सभी पात्र मरीजों को पोषण किट उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ बीएस सोलंकी, सीएमएचओ डॉ. दिनेश देहलवार, सिविल सर्जन डॉ. मनीष कुरिल, कार्यक्रम अधिकारी राजीव गुप्ता सहित सभी बीएमओ, सीडीपीओ, सुपरवाइजर और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
🔔 Vande Bharat News Alerts
नई प्रमुख खबरों की browser notification पाने के लिए Subscribe करें।






