जिला रिपोर्टर सुरेश चौहान आगर मालवा मध्य प्रदेश मांगों पर सरकार की चुप्पी से कोटवारों में असंतोष, 31 अक्टूबर को भोपाल में महाआंदोलन की चेतावनी सात दिन का प्रदेशव्यापी आंदोलन समाप्त

आगर-मालवा। मध्यप्रदेश में कोटवारों की लंबित मांगों को लेकर चल रहा प्रथम चरण का आंदोलन 28 अक्टूबर को समाप्त हो गया। मध्यप्रदेश आजाद कोटवार कर्मचारी संघ के आह्वान पर 22 से 28 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन और सत्याग्रह किया गया। आंदोलन के बावजूद मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने से कोटवारों में असंतोष बढ़ रहा है। संघ ने अब 31 अक्टूबर को भोपाल में महारैली और महा सत्याग्रह आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
आंदोलन के दौरान कोटवार संघ ने नलखेड़ा में मां बगलामुखी लोक के भूमि पूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की। इसके अतिरिक्त, आगर-मालवा जिलाध्यक्ष विक्रम परमार के नेतृत्व में पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष नितिन रघुवंशी, डिप्टी कलेक्टर अर्पिता राय तथा क्षेत्रीय विधायक को भी ज्ञापन देकर कोटवारों की समस्याओं से अवगत कराया गया।
*38 हजार कोटवारों के नियमितीकरण की मांग*
संघ की प्रमुख मांग है कि प्रदेश के लगभग 38 हजार कोटवारों को नियमित शासकीय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। साथ ही, 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके पात्र कोटवारों को योग्यता के अनुसार सहायक पटवारी, भृत्य, कंप्यूटर ऑपरेटर अथवा समकक्ष पदों पर पदोन्नति का अवसर मिले। संघ का तर्क है कि लंबे समय से शासकीय जिम्मेदारियां निभा रहे कोटवारों को सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक भविष्य मिलना चाहिए।
*सेवा भूमि पर अधिकार और मानदेय वृद्धि का मुद्दा*
कोटवारों ने अंग्रेजों के समय से मिल रही सेवा भूमि यानी मालगुजार भूमि के रिकॉर्ड में उनके नाम दोबारा दर्ज करने और मालिकाना हक देने की मांग उठाई है। संघ ने सेवा भूमि से कोटवारों के नाम हटाए जाने पर भी आपत्ति जताई है।
इसके अलावा, कोटवार पंचायत-2023 में घोषित प्रतिवर्ष 500 रुपये की वेतन वृद्धि को सभी श्रेणियों के कोटवारों, भूमिहारी कोटवारों सहित, पर लागू करने तथा बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई है। वर्दी की राशि सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित करने और वर्दी खरीद में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
*मृत्यु पर 10 लाख, सेवानिवृत्ति पर 5 लाख रुपये की मांग*
संघ ने सेवाकाल के दौरान कोटवार की मृत्यु होने पर मिलने वाली अनुग्रह सहायता राशि को एक लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने तथा सेवानिवृत्ति पर पांच लाख रुपये देने की मांग की है। संघ का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में कोटवारों और उनके परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल पा रही है।
*31 अक्टूबर को भोपाल में शक्ति प्रदर्शन*
जिलाध्यक्ष विक्रम परमार ने कहा कि लगातार ज्ञापन देने और आंदोलन करने के बावजूद मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है। यदि शासन ने समय रहते निर्णय नहीं लिया, तो 31 अक्टूबर को प्रदेशभर के हजारों कोटवार भोपाल पहुंचकर महारैली और महा सत्याग्रह करेंगे।
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