डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड को बढ़ावा, 45.36%आबादी आभा आईडी से जुड़ी l

डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड को बढ़ावा, 45.36 % आबादी आभा आईडी से जुड़ी
अक्टूबर माह तक कुल 24 लाख 30 हजार 93 आभा आइडी हुए तैयार
गया, 01 नवंबर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की कवायद तेज कर दी गई है। मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को ऑनलाइन सुरक्षित रखने के लिए जांच और उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचने वाले सभी लोगों की आभा आईडी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। राज्य स्वास्थ्य समिति ने जिले को 7 नवंबर 2026 तक एएनएम-एसडी पोर्टल पर शत-प्रतिशत एंट्री सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया है।
अनुमानित आबादी का 45.36 प्रतिशत आइडी तैयार:
डीपीएम स्वास्थ्य नीलेश कुमार ने बताया कि जिला की अनुमानित आबादी लगभग 53 लाख 57 हजार 152 है। अक्टूबर माह तक 45.36 प्रतिशत आभा आइडी तैयार किया जा चुका है। आभा आइडी तैयार करने में गया जिला राज्य भर में छठे स्थान पर है। जून माह तक 22 लाख 72 हजार 108 आभा आइडी तैयार किये गये। जूलाई माह में 59 हजार 31 आभा आइडी बने हैं। अगस्त में 45 हजार 256, सितंबर में 30 हजार आठ, अक्टूबर माह में 23 हजार 690 आभा आइडी बने हैं। अक्टूबर माह तक कुल 24 लाख 30 हजार 93 आभा आइडी बन चुके हें।
आधार कार्ड व लिंक मोबाइल नंबर जरूरी:
आभा आईडी के माध्यम से मरीजों के स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जा रही है। इससे मरीज के उपचार, जांच और स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को व्यवस्थित तरीके से दर्ज करने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग का फोकस अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड की व्यवस्था से जोड़ने पर है।आयुष्मान सेतु ऐप के माध्यम से आभा आइडी बनाने का काम किया जाता है। इसके लिए अपना आधार एवं आधार से लिंक मोबाइल नंबर अपने पास रखने की सलाह दी।
आप स्वयं बना सकते हैं आभा आइडी:
अपने मोबाइल फोन में गुगल प्ले स्टोर खोलकर आयुष्मान सेतु ऐप डाउनलोड एवं इंस्टॉल करें। ऐप खोलकर “रजिस्टर” पर क्लिक करें।अ इसके बाद “रजिस्टर नाउ” विकल्प पर क्लिक करें। अपना आधार नंबर दर्ज करें, आवश्यक सहमति (Consent) प्रदान करें और “नेक्स्ट” पर क्लिक करें। आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें तथा अपना आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर दर्ज करें। आभा आइडी बनने के बाद अपना डिजिटल आभा कार्ड डाउनलोड कर सुरक्षित रखें।
आभा के पांच प्रमुख फायदों का गिनाया:
आभा आइडी के पांच मुख्य फायदों को गिनाते हुए बताया कि इससे 5 प्रमुख फायदे
मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, डॉक्टर के पर्चे और जांच रिपोर्ट डिजिटल रूप में सुरक्षित रखी जा सकती हैं। अस्पताल में स्कैन एंड शेयर के माध्यम से जल्दी रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। डॉक्टर मरीज की सहमति से उसकी पुरानी मेडिकल हिस्ट्री देखकर बेहतर उपचार कर सकते हैं। मेडिकल रिपोर्ट और स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में एक्सेस करना आसान होता है।अलग-अलग अस्पतालों में लिंक किए गए हेल्थ रिकॉर्ड को मरीज की सहमति से प्राप्त और साझा किया जा सकता है
रिपोर्टर -त्रिलोकी नाथ गयाजी w
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