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LPG सिलेंडर की लेट डिलीवरी ने बचाई जान!, तीन दिन से कुएं में फंसा था बुजुर्ग

पंकज कथूरिया संवाददाता बहादराबाद हरिद्वार

            (उत्तराखंड)

भारत समेत दुनियाभर में गैस की किल्लत चल रही है। जिसके चलते लोगों के लिए LPG सिलेंडर की लेट डिलीवरी समस्या बन गई है। हालांकि एक बुजुर्ग के लिए ये जीवनदान से कम नहीं है। ऐसा ही एक मामला कर्नाटक के उडुपी से सामने आ रहा है। यहां पर एक बुजुर्ग की गैस सिलेंडर की डिलीवरी में देरी और गैस सिलेंडर के OTP ने जान बचा ली।

LPG सिलेंडर की लेट डिलीवरी ने बचाई जान!

दरअसल 62 साल का एक बुजुर्ग तीन दिनों से कुएं के अंदर फंसा हुआ था। बुजुर्ग का नाम श्रीनिवास आचार्य है। जो कम्बलाकाट्टे के रहने वाले है। यहां वो अपने घर पर अकेले रहते हैं। तीन दिन पहले वो अपने घर के कुएं से पानी निकाल रहे थे। तभी रस्सी के टूटने से वो कुएं में जा गिरे। बार-बार कोशिश करने पर भी वो बाहर नहीं आ पाए।

तीन दिन से कुएं में फंसा था बुजुर्ग

श्रीनिवास चीखने लगे लेकिन आस-पड़ोस में भी किसी ने उनकी चीखें नहीं सुनीं। किसी को भी उनकी इस हालत के बारे में नहीं पता चला क्योंकि उनका हालचाल पूछने वाला कोई नहीं था। कुएं के अंदर एक फुटबॉल पाइप और रस्सी पकड़कर वो संघर्ष करते रहे।

पड़ोस से गैस सिलेंडर लिया था

इसी बीच कहानी में ट्विस्ट आया। उन्होंने गैस सिलेंडर बुक किया था लेकिन डिलीवरी में देरी हो गई। तो उन्होंने पास के ही एक गणेश नाम के शख्स से सिलेंडर उधार ले लिया। उन्होंने कहा कि वो सिलेंडर की डिलीवरी होने पर उन्हें वापस कर देगा।

सिलेंडर डिलीवरी वाला वापस लौटा

गणेश के घर पर भी सिलेंडर खत्म होने वाला था। जिसकी वजह से वो गैस एजेंसी से डिलीवरी जल्दी करवाने के लिए संपर्क करते है। एक डिलीवरी वाला सिलेंडर लेकर श्रीनिवास के घर पहुंचता है। लेकिन वो वापस लौट गया क्योंकि डिलीवरी के लिए OTP देने वाला कोई नहीं था। हालांकि ये बात गणेश को पता नहीं थी। जिसके चलते वो गैस एजेंसी को दोबारा संपर्क करते है। फिर उन्हें ये बात बताई गई कि घर पर OTP देने वाल कोई नहीं था। गड़बड़ी का शक होने पर वो श्रीनिवास के घर गए।

ऐसे पता चला कुएं में है बुजुर्ग

श्रीनिवास घर पर ना होने पर उन्होंने आस-पास तलाशी की। आखिरकार कुएं में झांकने पर उन्होंने श्रीनिवास को अंदर फंसा पाया। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें बचाने की कोशिश की। दमकल विभाग को सूचना दी गई। जिसके बाद उन्हें बाहर निकाला गया। हालांकि तीन दिनों तक बिना खाए-पीए होने के कारण श्रीनिवास कमज़ोर हो गए थे। तुरंत ही उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

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