SNMMCH में अब सप्ताह में 5 दिन होंगे ऑपरेशन, सर्जरी-गायनी में रोज 10 केस का लक्ष्य

*धनबाद:* एसएनएमएमसीएच के सर्जरी और गायनी विभाग में अब सप्ताह में पांच दिन नियमित रूप से ऑपरेशन किये जायेंगे. अस्पताल प्रबंधन ने दोनों विभागों में ऑपरेशन की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है
प्रत्येक विभाग में प्रतिदिन कम से कम पांच ऑपरेशन कराने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए लेप्रोस्कोपी समेत उपलब्ध आधुनिक संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल किया जायेगा. दोनों विभागों के लिए नयी अत्याधुनिक लेप्रोस्कोपी मशीन खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है और इसके लिए टेंडर जारी किया गया है.
मरीजों को मिलेगी आधुनिक तकनीक से इलाज की सुविधा
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, ऑपरेशन की संख्या बढ़ने से मरीजों को सरकारी अस्पताल में आधुनिक तकनीक से इलाज की सुविधा मिलेगी. साथ ही सर्जरी और गायनी विभाग में पीजी की सीट बढ़ाने के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के मानकों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी
एसएनएमएमसीएच के दोनों विभागों में पीजी सीट बढ़ाने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने एनएमसी में आवेदन किया है. इसके लिए विभागों में पर्याप्त संख्या में ऑपरेशन और पीजी डॉक्टरों को ऑपरेटिव एक्सपोजर मिलना जरूरी है. इसी को देखते हुए सप्ताह में पांच दिन नियमित ऑपरेशन कराने की व्यवस्था शुरू की जा रही है
पीजी डॉक्टरों को मिलेगा ऑपरेटिव एक्सपोजर
ऑपरेशन की संख्या बढ़ने से पीजी डॉक्टरों को विभिन्न प्रकार की सर्जरी का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा. सर्जरी विभाग में लेप्रोस्कोपी तकनीक से पित्त की थैली में पथरी, अपेंडिक्स, हर्निया और पेट से जुड़ी कुछ अन्य बीमारियों की सर्जरी की जा सकती है
मरीज की बीमारी और चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर सर्जन लेप्रोस्कोपी या ओपन सर्जरी का निर्णय लेंगे
छोटे चीरे से ऑपरेशन, मरीजों को कई फायदे
लेप्रोस्कोपी में बड़े चीरे के बजाय पेट में छोटे-छोटे छेद के माध्यम से कैमरा और उपकरण डालकर ऑपरेशन किया जाता है. सामान्य तौर पर इससे ऑपरेशन के बाद दर्द और घाव कम होने तथा मरीज के जल्द सामान्य गतिविधियों में लौटने की संभावना रहती है. कई मामलों में अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि भी कम हो सकती है. हालांकि, ऑपरेशन की विधि मरीज की बीमारी और चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर तय की जाती है
आयुष्मान योजना से अस्पताल को भी मिलेगा लाभ
एसएनएमएमसीएच में आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों की सर्जरी होने से जरूरतमंदों को सरकारी अस्पताल में उपचार की सुविधा मिलेगी. विभिन्न सर्जिकल पैकेज के तहत इलाज होने पर अस्पताल को निर्धारित राशि की प्रतिपूर्ति प्राप्त होती है. इससे अस्पताल के राजस्व में भी बढ़ोतरी की संभावना है
एनएमसी मानकों को पूरा करने का प्रयास : अधीक्षक
एसएनएमएमसीएच के अधीक्षक डॉ डीके गिंदौरिया ने कहा कि सर्जरी और गायनी विभाग में सप्ताह में पांच दिन नियमित ऑपरेशन कराने की व्यवस्था की जा रही है. दोनों विभागों में प्रतिदिन पांच-पांच सर्जरी का लक्ष्य रखा गया है
उन्होंने कहा कि लेप्रोस्कोपी समेत उपलब्ध सुविधाओं का बेहतर इस्तेमाल कर मरीजों को आधुनिक उपचार देने के साथ पीजी सीट बढ़ाने के लिए एनएमसी के मानकों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है
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