*सीपीग्राम्स पर शिकायत के बाद हड़कंप, मनरेगा के 53 दिन के फर्जीवाड़े की जांच अब डीसी मनरेगा के.एन पांडे को सौपी गईबिल्कुल, ये रही शुद्ध *हिन्दी शब्दों में* फाइनल खबर — सीधा प्रकाश

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*ब्रेकिंग हेडलाइन:*
*पिलखाना मनरेगा में 53 दिन का फर्जी मस्टर रोल उजागर – एक ही व्यक्ति एक ही दिन अलीगढ़ कॉलेज और पिलखाना में मजदूरी पर कैसे? आरटीआई से हुआ पर्दाफाश*
*पूरा समाचार:*
*डिबाई, बुलंदशहर | 22 अक्टूबर 2026*
ग्राम पंचायत *पिलखाना, विकास खंड डिबाई, जिला बुलंदशहर* में मनरेगा योजना में बड़े भ्रष्टाचार और फर्जी मस्टर रोल का गंभीर मामला सामने आया है। *भारतीय पत्रकार संघ के जिला सचिव ध्रुव राज वार्ष्णेय* ने *सीपीग्राम्स पोर्टल पर पंजीकरण संख्या DORLD/E/2026/0066266 दिनांक 21/10/2026* पर शिकायत दर्ज कराई है।
*आरटीआई से दो पुख्ता सबूत मिले:*
शिकायतकर्ता ध्रुव राज ने सूचना के अधिकार के तहत दो अटूट प्रमाण प्राप्त किए हैं:
*क)* पिलखाना ग्राम पंचायत का मनरेगा मस्टर रोल दिखाता है कि *जालिम सिंह पुत्र गुरमीत सिंह (जॉब कार्ड संख्या UP1412005032/0000002)* ने 53 दिन तक मजदूरी की है।
*ख)* *बीए कोर्स, शिक्षक कॉलेज, अलीगढ़ की उपस्थिति पंजिका* दिखाती है कि वही जालिम सिंह उन्हीं 53 दिनों में कॉलेज में उपस्थित था।
*एक व्यक्ति एक ही दिन अलीगढ़ कॉलेज और पिलखाना, बुलंदशहर में मनरेगा का कार्य कैसे कर सकता है? यह अंतर-जिला फर्जीवाड़ा है।*
*पहली शिकायत में भी फर्जी रिपोर्ट:*
इससे पहले *बानी सिंह द्वारा GOVUP/E/2025/0005707* पर इसी मुद्दे पर शिकायत की गई थी। उसकी जांच *खंड विकास अधिकारी, डिबाई* को दी गई। खंड विकास अधिकारी, डिबाई ने बिना किसी सत्यापन के *फर्जी रिपोर्ट संख्या CNO60000260258081* लगाकर प्रधान की मिलीभगत से मामले को बंद कर दिया।
*नैसर्गिक न्याय का उल्लंघन:*
अब ध्रुव राज की नई जनसुनवाई शिकायत *संख्या 40014226062175* जिसमें उन्होंने *एनएमएमएस ऐप की जियो-टैग फोटो का मेटाडाटा एनआईसी सर्वर से निकालने* की मांग की थी, उसे भी फिर से *उसी खंड विकास अधिकारी, डिबाई को जांच के लिए दे दिया गया जिसके खिलाफ शिकायत है।* यह नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत *"कोई भी व्यक्ति अपने ही मामले में न्यायाधीश नहीं हो सकता"* का खुला उल्लंघन है।
*शिकायतकर्ता की चार मांगें:*
*अ)* जांच को खंड विकास अधिकारी, डिबाई से हटाकर *जिलाधिकारी बुलंदशहर / मुख्य विकास अधिकारी / मनरेगा लोकपाल* को हस्तांतरित किया जाए।
*आ)* एनआईसी सर्वर पर सुरक्षित *53 दिनों की एनएमएमएस फोटो का मेटाडाटा और जीपीएस लोकेशन* सत्यापित किया जाए।
*इ)* दोषी *ग्राम पंचायत सचिव / रोजगार सेवक / तकनीकी सहायक* के खिलाफ *भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 409, 467, 471 और मनरेगा अधिनियम* में प्रथम सूचना रिपोर्ट और वसूली हो।
*ई)* पहली शिकायत में खंड विकास अधिकारी, डिबाई द्वारा लगाई गई फर्जी रिपोर्ट *CNO60000260258081* की अलग से जांच हो।
*वर्तमान स्थिति:*
सीपीग्राम्स पर इस शिकायत की *वर्तमान स्थिति – प्रक्रियाधीन* है और *कार्रवाई की तिथि 22/10/2026* को इसे *अधिकारी का नाम – के एन पाण्डेय (जिला समन्वयक मनरेगा), संगठन – मनरेगा बुलंदशहर, विकास भवन बुलंदशहर* को हस्तांतरित कर दिया गया है।
*वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज इस मामले पर नजर बनाए हुए है। क्या विकास भवन अब इस 53 दिन के फर्जीवाड़े का मेटाडाटा से पर्दाफाश करेगा?*
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