प्रतापगढ़ -बुकनापुर में आस्था का धाम बना अनिलेश्वर बजरंग बली मंदिर

बुकनापुर में आस्था का धाम बना अनिलेश्वर बजरंग बली मंदिर
2007 में हुई थी प्राण प्रतिष्ठा, पाण्डेय परिवार की पहल को ग्रामीणों का मिला सहयोग
प्रतापगढ़। संडवा चंडिका विकासखंड के बुकनापुर गांव में स्थित अनिलेश्वर बजरंग बली महाराज का मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां स्थापित बजरंग बली की प्रतिमा के प्रति ग्रामीणों के साथ आसपास के लोगों की भी गहरी श्रद्धा जुड़ी है। मंदिर की स्थापना के पीछे धार्मिक आस्था के साथ ही परिवार और ग्रामीणों की सामूहिक सहभागिता की भावना भी जुड़ी हुई है।ग्राम बुकनापुर, ग्राम सभा पूरे परमेश्वर में मंदिर की स्थापना की पहल अनिल कुमार पाण्डेय पुत्र महेंद्र नारायण पाण्डेय ने की थी। इसके बाद परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर का निर्माण और धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया। एक मार्च 2007 को विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ अनिलेश्वर बजरंग बली महाराज की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई।प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही मंदिर ग्रामीणों के धार्मिक जीवन का हिस्सा बन गया। समय के साथ यहां लोगों की आस्था और जुड़ाव बढ़ता गया। मंदिर से जुड़े परिवार के सदस्यों में सुनील कुमार पाण्डेय (मंगल), सुधीर कुमार पाण्डेय, डॉ. नागेश्वर दत्त पाण्डेय, राधेश्याम पाण्डेय, रमेश चंद्र पाण्डेय, कैलाश पाण्डेय, पवन पाण्डेय और नंदन पाण्डेय शामिल हैं।
सामूहिक सहयोग से बनी पहचान
अनिलेश्वर बजरंग बली मंदिर की पहचान केवल एक पूजा स्थल के रूप में नहीं, बल्कि सामूहिक आस्था और सहयोग के प्रतीक के रूप में भी बनी है। मंदिर की स्थापना में पाण्डेय परिवार की पहल के साथ ग्रामीणों की सहभागिता ने इसे गांव के धार्मिक जीवन का महत्वपूर्ण केंद्र बनाया।ग्रामीणों का मानना है कि ऐसे धार्मिक स्थल लोगों को अपनी परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने के साथ आपसी सहयोग और सामाजिक एकजुटता की भावना को भी मजबूत करते हैं। बुकनापुर का अनिलेश्वर बजरंग बली मंदिर इसी धार्मिक विश्वास और सामूहिक सहभागिता की पहचान के रूप में अपनी अलग जगह बनाए हुए है।
विकास जायसवाल वंदे भारत ।
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