
विंढमगंज, सोनभद्र(राकेश कुमार कन्नौजिया)_
सोनभद्र जिले के विंढमगंज से कोन तक बन रही लगभग 22 किलोमीटर लंबी सड़क इन दिनों गंभीर अनियमितताओं को लेकर चर्चा में है। जहां एक ओर यह सड़क क्षेत्र के विकास की उम्मीद जगा रही थी, वहीं दूसरी ओर निर्माण में बरती जा रही कथित लापरवाही लोगों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बनती जा रही है।
निर्माण स्थल पर हालात इतने खराब हैं कि पूरे क्षेत्र में दिनभर धूल का गुबार छाया रहता है। सड़क पर पानी का छिड़काव न होने के कारण धूल सीधे राहगीरों और आसपास के ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर असर डाल रही है। लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है, जबकि स्कूली बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
इतना ही नहीं, सड़क पर डाली जा रही गिट्टी को ठीक से दबाया नहीं जा रहा है। नतीजतन, तेज रफ्तार से गुजरते वाहनों के कारण गिट्टी उछलकर राहगीरों और वाहनों को नुकसान पहुंचा रही है। कई जगहों पर सड़क ऊबड़-खाबड़ और असमान बनी हुई है, जिससे आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस मामले में खुलकर नाराजगी जताई है। ग्राम विंढमगंज निवासी संजय कुमार यादव, विजय पासवान और शैलेश पासवान ने मौके पर मौजूद रहकर आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना है कि ठेकेदार द्वारा मनमानी की जा रही है और संबंधित विभाग भी इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य में सुधार नहीं किया गया, तो यह सड़क सुविधा के बजाय खतरे का कारण बन जाएगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार विभाग इस गंभीर लापरवाही पर कब संज्ञान लेता है और क्षेत्रवासियों को इस धूल और खतरे से कब राहत मिलती है।









