

गंगोह पुलिस की बड़ी सफलता: 35 लाख की स्मैक संग कुख्यात तस्कर तसव्वर उर्फ बूढ़ा गिरफ्तार
सहारनपुर। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन सवेरा – नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर” के तहत सहारनपुर पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। थाना गंगोह पुलिस ने नशे के कुख्यात तस्कर और गिरोह के सरगना तसव्वर उर्फ बूढ़ा पुत्र इमरान, निवासी ग्राम बाड़ी माजरा को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 353 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की है। बरामद स्मैक की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 35 लाख रुपये आंकी गई है। यह गिरफ्तारी न केवल तस्करी नेटवर्क पर बड़ा प्रहार है बल्कि स्थानीय स्तर पर नशे की आपूर्ति रोकने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
ऑपरेशन सवेरा की पृष्ठभूमि
डीआईजी सहारनपुर श्री अभिषेक सिंह के नेतृत्व में सहारनपुर परिक्षेत्र के तीनों जनपदों में नशे के खिलाफ ठोस कार्यवाही के लिए “ऑपरेशन सवेरा” चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य नशे के कारोबार पर सख्ती से रोक लगाना और समाज को इस घातक कुरीति से बचाना है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और क्षेत्राधिकारी गंगोह की देखरेख तथा थाना प्रभारी निरीक्षक पीयूष दीक्षित के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दी।
गिरफ्तारी की कहानी
2 सितंबर 2025 को पुलिस टीम गश्त के दौरान सक्रिय थी। तभी सूचना मिली कि ग्राम बाड़ी माजरा से नकुड़ रोड की तरफ एक शातिर तस्कर बड़ी मात्रा में स्मैक लेकर जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की और संदिग्ध व्यक्ति को धर दबोचा। पूछताछ और तलाशी में उसकी पहचान तसव्वर उर्फ बूढ़ा के रूप में हुई और उसके पास से 353 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई।
पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे
गिरफ्तार तसव्वर ने पुलिस को बताया कि वह खुद भी स्मैक का नशा करता है और इसे बेचने का काम लंबे समय से कर रहा है। उसने बताया कि स्मैक उसे उसका भाई उपलब्ध कराता है, जो बरेली से माल लाता है। तसव्वर छोटे-छोटे नशेड़ियों को स्मैक बेचकर मोटा मुनाफा कमाता है और खुद भी उसका सेवन करता है।
पुलिस की बढ़ती सख्ती से बचने के लिए उसने अपने साथियों संग आपराधिक घटनाओं की योजना भी बनाई थी। उसने स्वीकार किया कि हाल ही में ग्राम सांतौर से शीतलपुर मार्ग पर फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों से लूट की वारदात उसी और उसके गिरोह ने की थी। उसका मकसद पुलिस का ध्यान लूट जैसी वारदातों की ओर मोड़ना था ताकि वह नशे के कारोबार को आसानी से चला सके। हालांकि, उसके तीन साथी पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं।
लंबा आपराधिक इतिहास
तसव्वर का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। सहारनपुर जनपद के विभिन्न थानों में उस पर एक दर्जन से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इनमें डकैती, लूट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। वह थाना गंगोह, नकुड़, चिलकाना और फतेहपुर थानों में दर्ज मामलों में पहले भी जेल जा चुका है। हाल ही में वह थाना गंगोह पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 287/25 में भी वांछित चल रहा था।
कानूनी कार्रवाई और मुकदमा
गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर थाना गंगोह में मुकदमा अपराध संख्या 367/25, धारा 8/21/29 एनडीपीएस एक्ट दर्ज किया गया है। आरोपी को विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के आपराधिक नेटवर्क और सप्लाई चैन की भी जांच की जाएगी, ताकि पूरे गिरोह को समाप्त किया जा सके।
पुलिस टीम को सफलता का श्रेय
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अतुल कुमार, उपनिरीक्षक संजीव कुमार, हेड कांस्टेबल राहुल तोमर, अमित पंवार, अजित मलिक तथा कांस्टेबल रिंकू और सविन शामिल रहे। टीम की तत्परता और सक्रियता से यह बड़ी कामयाबी हासिल हुई।
डीआईजी का सख्त संदेश
डीआईजी सहारनपुर श्री अभिषेक सिंह ने इस सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि नशे का अवैध कारोबार समाज के लिए कैंसर की तरह है। उन्होंने साफ कहा कि “ऑपरेशन सवेरा” के तहत नशे के कारोबार में लिप्त लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस पूरी सख्ती से ऐसे अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाएगी।
निष्कर्ष
गंगोह पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि सहारनपुर पुलिस नशे के खिलाफ गंभीर और सतर्क है। तसव्वर उर्फ बूढ़ा की गिरफ्तारी और उसके पास से लाखों की स्मैक की बरामदगी इस बात का सबूत है कि पुलिस हर स्तर पर नशे के सौदागरों पर शिकंजा कस रही है। अब उम्मीद की जा रही है कि ऐसी सख्त कार्रवाई से नशे का कारोबार करने वालों में भय का माहौल बनेगा और समाज को इस जहर से बचाने की दिशा में ठोस परिणाम सामने आएंगे।
✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
उत्तर प्रदेश महासचिव – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
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