
हमारी सरकार दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधाएं दिलाने के लिए संकल्पित – विधायक- विश्वामित्र

सीधी । आरईसी की सीएसआर योजना अंतर्गत चिन्हांकित दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरणों का वितरण एलिम्को जबलपुर की टीम द्वारा विकासखंडवार आयोजित शिविरों के माध्यम से किया जा रहा है। शनिवार को विकासखंड सिहावल में आयोजित शिविर में सांसद डॉ राजेश मिश्रा तथा विधायक श्री विश्वामित्र पाठक द्वारा 36 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, बैशाखी एवं आवश्यकतानुसार सहायक यंत्र वितरित किए गए।
सांसद डॉ. राजेश मिश्र ने कहा कि दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराना पुण्य का कार्य है। हमारी सरकार ने सबको आगे बढ़ने, सबको जोड़ने एवं सभी के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य किया है। अब दिव्यांगजनों को समाज में महत्व देने के साथ ही उन्हें विशिष्ट जन की संज्ञा दी जा रही है। सांसद ने कहा कि दिव्यांगजनों को ईश्वर द्वारा विशेष क्षमताएं प्रदान की गई हैं। उनकी क्षमताओं को पहचानने और उन्हें समान अवसर प्रदान करने की आवश्यकता है। सरकार द्वारा उनके हितार्थ विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इन योजनाओं का लाभ उन्हें सहजता से उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है।
विधायक सिहावल विश्वामित्र पाठक ने कहा कि दिव्यांगजन समाज के अभिन्न अंग हैं। उनके बेहतर जीवन यापन के लिए सभी प्रकार के कृत्रिम अंग एवं सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार ने दिव्यांगजनों को विशिष्ट जन की संज्ञा दी है। विधायक ने कहा कि जांच परीक्षण शिविर जब भी लगे उसका व्यापक प्रचार-प्रसार हो जिससे कोई भी दिव्यांग कृत्रिम अंग एवं आवश्यक सहायक उपकरण से वंचित ना रहे। विधायक ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यागजनों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए अधिकारियों कर्मचारियों से सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने के लिए कहा है।
आरईसी के प्रतिनिधि चंदन सिंह ने संस्था की कार्यप्रणाली एवं निगमित सामाजिक दायित्व के तहत प्रदाय की जाने वाली सेवाओं से अवगत कराया। सांसद तथा विधायक ने आरईसी फाउंडेशन एवं एलिमको द्वारा दिव्यागजनों को बेहतर जीवन यापन दिलाने एवं जनकल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की।
इस कार्यक्रम मे मुख्य रूप से श्री विमलेश रावत, तहसीलदार सिहावल श्रीमती साक्षी गौतम, रविशंकर मिश्रा सीईओ जनपद पंचायत, दलबहादुर सिंह चंदेल, चंद्र शेखर शुक्ला, राजेश्वर पटेल, पुष्पेन्द्र मिश्रा, श्रीमती मुन्नी वर्मा सरपंच, श्रीमती नीलू तिवारी, संतोष पाठक, नरेन्द्र सिंह चंदेल, फजल मोहम्मद, प्रतीक द्विवेदी, कामता तिवारी बीपीओ, अखिलेश तिवारी, एलिम्को के प्रतिनिधि, दिव्यांगजन, अधिकारी कर्मचारी, गणमान्य जन उपस्थित रहे।
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सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों के निराकरण प्राथमिकता से करें – कलेक्टर
सीधी । कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी द्वारा सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के निराकरण की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने गत माह शिकायतों के निराकरण में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर अप्रसन्नता व्यक्त की गई है। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया है कि प्रतिदिन शिकायतों के निराकरण की समीक्षा कर शिकायतों को समय-सीमा में निराकृत करायें। कलेक्टर ने शिकायतों की संख्या के आधार पर प्रतिदिन का लक्ष्य निर्धारित कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में उन्होंने विकासखंड तथा तहसीलवार सीएम हेल्पलाईन के लंबित शिकायतों की जानकारी ली। जिन विभागों के सीएम हेल्पलाइन में बी, सी और डी ग्रेडिंग है, उन सभी जिला अधिकारियों को अपने अधीनस्थ अधिकारी कर्मचारियों का लक्ष्य निर्धारण कर नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने कहा कि आयोजित समाधान ऑनलाइन के पहले सभी शिकायतों का निराकरण सुनिश्चित करें। सीएम हेल्प लाइन में प्रकरणों के नॉन अटेंडेंट होने पर संबंधित अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। सभी विभाग शिकायतों की गंभीरता को समझें और उनके निराकरण की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि अगले समीक्षा बैठक में सभी विभागों के सबसे पुरानी 10 शिकायतों की समीक्षा की जाएगी। कलेक्टर ने पीएचई विभाग के अधिकारियों को पेयजल की समस्या से संबंधित शिकायतों को प्राथमिकता से निराकृत करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कक्षा 05वीं और 08वीं की बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट में जिले के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर अधिकारियों व शिक्षकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। जिले के कक्षा 5 वीं का परीक्षा परिणाम 97.49 प्रतिशत तथा 8वीं का 95.14 प्रतिशत रहा। कक्षा 5 वी में जिला प्रदेश में 7वें स्थान पर रहा।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अंशुमन राज, उपखण्ड अधिकारी सिहावल एसपी मिश्रा, कुसमी प्रिया पाठक, मझौली आर पी त्रिपाठी सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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पोषण भी पढ़ाई भी विषय पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण आयोजित
सीधी । जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास आर.सी. त्रिपाठी ने जानकारी देकर बताया है कि आयुक्त महिला एवं बाल विकास मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार सीधी जिले की समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण 02 चरणों में ’’पोषण भी पढ़ाई भी 2.0‘‘ विषय पर आयोजित किये जाने के निर्देश के पालन में प्रथम चरण में 03 दिवसीय प्रशिक्षण बाल विकास परियोजना कुसमी, मझौली, रामपुर नैकिन क्र. 01, रामपुर नैकिन क्र. 02, सीधी क्र. 01, सीधी क्र. 02 एवं सिहावल में प्रथम बैच का प्रशिक्षण दिनांक 24 मार्च से 26 मार्च 2025 एवं द्वितीय बैच का प्रशिक्षण 27 मार्च से 29 मार्च 2025 में आयोजित किया गया है।
बाल विकास परियोजना कुशमी अंतर्गत परियोजना कार्यालय का मीटिंग हॉल एवं वन विभाग रेस्ट हाउस भवन पोड़ी में, बाल विकास परियोजना मझौली अंतर्गत शीलू सगुन पैलेस मझौली एवं शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मडवास, बाल विकास परियोजना रामपुर नैकिन क्र. 01 अंतर्गत जनपद पंचायत सभागार रामपुर नैकिन एवं बाल विकास परियोजना रामपुर नैकिन क्र. 02 अंतर्गत सामुदायिक भवन चुरहट तथा बाल विकास परियोजना सीधी क्र. 01 अंतर्गत जनपद पंचायत सीधी सभागार, कृषि विज्ञान केन्द्र सीधी सभागार व बाल विकास परियोजना सीधी क्र. 02 अंतर्गत आर.से.टी. युनियन बैंक प्रशिक्षण केन्द्र पुरानी सीधी, डाईट सीधी एवं बाल विकास परियोजना सिहावल अंतर्गत सामुदयिक भवन सिहावल, मंगल भवन बहरी अर्थात् जिले के कुल 13 स्थानों में कुल 1300 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को एवं द्वितीय बैच में 05 परियोजनाओं में 572 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर द्वारा कोर्स डायरेक्टर के मार्गदर्शन में सफल प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण पूर्व सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का ऑनलाइन प्री एवं पोस्ट पंजीयन कराया गया साथ ही एवं साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण के दौरान कोर्स डायरेक्टर द्वारा भी ऑनलाइन पंजीयन किया गया।
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पंजीयन प्रणाली संपदा 1.0 का संचालन 1 अप्रैल से हो जायेगा बंद
सीधी । महानिरीक्षक पंजीयन द्वारा जारी निर्देश अनुसार वर्तमान में पायलेट जिलों के मुख्यालय उप पंजीयकों में केवल संपदा 2 का संचालन किया जा रहा है जिसे विस्तारित करते हुए प्रदेश के सभी उप पंजीयक कार्यालयों के लिए लागू करते हुए संपदा 1 का संचालन बंद किये जाने का निर्णय लिया गया है। जिला पंजीयक अभिषेक सिंह बघेल ने बताया कि इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए गये हैं।
जिला पंजीयक ने बताया कि दिनांक 1 अप्रैल 2025 से प्रदेश में केवल संपदा 2 प्रणाली के माध्यम से ही ई पंजीकरण एवं ई स्टाम्पिंग की जा सकेगी। संपदा प्रणाली के पूर्व संस्करण 1.0 का संचालन नवीन दस्तावेज पंजीयन एवं ई स्टाम्प जारी करने के लिए बंद कर दिया जावेगा। संपदा 1 में सेवा प्रदाताओं को कोई भी नवीन लायसेंस जारी नही किए जावेंगे। उन्होंने बताया कि चूँकि संपदा 1 में सेवा प्रदाताओं द्वारा ली गयी कोई भी क्रेडिट लिमिट संपदा 2 में अंतरित नही होगी अतएव समस्त सेवा प्रदाता संपदा 1 में ली गयी क्रेडिट लिमिट को 31 मार्च 2025 तक उपयोग कर लेवें। सेवा प्रदाता सुनिश्चित करें कि कोई भी दस्तावेज 31 मार्च 2025 के बाद पंजीयन के लिए तैयार न किए जावें और न ही ऐसे किसी दस्तावेज के कोई शुल्क (स्टाम्प/पंजीयन अन्य शुल्क) संपदा- 1.0 प्रणाली के माध्यम से जमा करें क्योंकि इस तिथि के बाद यह प्रणाली निष्क्रिय हो जावेगी। कोई दस्तावेज संपदा 1.0 में तैयार किया जाकर यदि निर्धारित तिथि 31 मार्च 2025 तक पंजीकृत नही कराये जाते हैं तो ऐसे दस्तावेजों का पंजीयन संपदा 1.0 संस्करण के माध्यम से 1 अप्रैल 2025 के बाद संपन्न नही हो पायेगा साथ ही उक्त दस्तावेज संपदा 2.0 में हस्तांतरित नहीं हो सकते। संपदा 1.0 से संबंधित पूर्व की समस्त सपोर्ट टिकिट का निराकरण 31 मार्च 2025 के पूर्व कर लिया जावे।
उन्होंने बताया कि सेवा प्रदाताओं के लिए नवीन क्रेडिट लिमिट लेने की सुविधा दिनांक 30 मार्च 2025 को बंद कर दी जावेगी। इसलिए यदि कोई दस्तावेज 31 मार्च 2025 को पंजीकृत किया जाना प्रस्तावित है तो ऐसे दस्तावेजों का शुल्क पूर्व से जमा कर दिया जावे या आनलाइन सुविधा का उपयोग किया जावे। संपदा 1.0 से पंजीकृत होने वाले दस्तावेजों की हार्ड कापी प्रदाय करने के पूर्व समस्त वरिष्ठ उप पंजीयक/उप पंजीयक सुनिश्चत करेगें कि दस्तावेज में फोटो, हस्ताक्षर, अंगुष्ठ चिन्ह, नकशा आदि सही ढंग से प्रिंट हो चुके हैं। कोई भी विसंगति पूर्ण दस्तावेज का प्रदाय नहीं किया जावे। अंतिम दिवसों में पंजीकृत दस्तावेजों का प्रिंट उसी दिन अनिवार्य किया जाकर पक्षकारों को उपलब्ध कराया जाये। अंतिम तिथियों में पंजीकृत होने वाले दस्तावेजों से संबंधित सपोर्ट टिकिट प्राथमिकता से निपटान की व्यवस्था की गयी है। सभी संबंधित पक्ष दस्तावेज में कोई भी विसंगति होने पर तत्काल टिकिट बनावें। ई-स्टाम्प रिफंड के लिये आवेदन 31 मार्च 2025 तक पूर्ण कर रिफंड रिकवेस्ट नंबर के आधार पर नियमानुसार आवेदन कोष को प्रेषित कर देवे। समस्त वरिष्ठ उप पंजीयक एवं पंजीयक से संपदा 1.0 में प्रस्तुत दस्तावेजों के पंजीयन या विधिक रूप से उस पर कार्यवाही कर दिये संबंधी प्रतिवेदन प्राप्त करें। समस्त जिला पंजीयक संपदा एप्लीकेशन द्वारा प्रेषित अपंजीकृत दस्तावेजों जिन्हें उप पंजीयकों द्वारा इम्पाउंड किया गया है, का तत्काल निराकरण करें। गाइडलाइन पालीगान से संबंधित किसी भी विसंगति को प्राथमिकता से दूर कराया जावे। इस हेतु आवश्यक होने पर एमपीएसईडीसी की जीआइएस टीम की सहायता ली जा सके।
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