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पटेद्ददार का जमीन से नाम गायब कर हो गई बिक्री

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के संरक्षण में खेल

सिंगरौली। ऊंचे पदों पर बैठे कुछ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर जालसाज किस तरह लोगों की जमीन हड़प रहे हैं इसका जीता जागता उदाहरण ग्राम कनई में देखने को मिला जहां बरसों से पटेद्ददार रहे अधेड़ की जमीन कागजी जलसाजी कर हड़प ली गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सिंगरौली जिले की बरिगवाॅ तहसील अंतर्गत ग्राम कनई में सुशील कुमार शर्मा पिता राम जी शर्मा निवासी गायत्री मंदिर के पास मेढौली थाना मोरवा जिला सिंगरौली के नाम पर खसरा क्रमांक 1273/3 में 30 डिसमिल जमीन मौजूद थी। वित्तीय वर्ष 2011-12 में रीवा से रांची हाईवे के किनारे आने के बाद जमीन पर लालची निगाहें टिक गई क्योंकि जमीन की कीमते बढ़ गई, फिर शुरू हुआ दलाली और जलसा जी का धंधा तब ग्राम कनई की वह जमीन जो रीवा से रांची जाने वाले नेशनल हाईवे के किनारे स्थित है 1273/3/2/2 और जिसकी वर्तमान कीमत लगभग 60 लख रुपए है सरकारी दस्तावेजों में वर्ष 2017-18 से वर्ष 2022-23 तक सुशील शर्मा पिता राम जी शर्मा के नाम पर थी वह अचानक से शांति वियार बेवा रिचकू बियार, गोविंद बियार पिता रिचकू बियार तथा रामलाल बियार पिता रिचकू बियार पता सिंगरौली के नाम पर हो गई जिसकी खबर तक भूमि स्वामी सुशील को नहीं लगी।

लेकिन ताजुब की बात यह है कि वित्तीय वर्ष 2023 24 मैं फर्जी ही सही मध्य प्रदेश शासन के सरकारी दस्तावेज में जो जमीन 1273 /3 /2/ 2 शांति वियार बेवा रिचकू बियार के नाम पर है उसे वित्तीय वर्ष 2023 24 के ही आखिरी दिन 31 मार्च 2024 को रामलाल बियार पिता रिचकू बियार तथा अन्य द्वारा तथाकथित मानकुवर बाई पत्नी बोधन सिंह को ₹200000 में बेच दिया गया जबकि भूमि का मूल्य लगभग 60 लख रुपए है।

सूत्रों से हासिल जानकारी के मुताबिक यह समूचा खेल एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की देखरेख में कुछ जलसाजो और दलालों द्वारा खेला गया है जिसका संपूर्ण खुलासा जल्द ही किया जाएगा।

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