

सिंगरौली: अक्षय_तृतीया_पर_गूंजेगा_श्रद्धा_का_स्वर—भव्य रूप अखिल भारतीय ब्राह्मण_एकता_परिषद द्वारा मनाया जाएगा भगवान_परशुराम_जन्मोत्सव।
(जिला ब्यूरो चीफ सिंगरौली अमरेन्द्र शुक्ला)
सिंगरौली: वर्षों से चली आ रही आस्था और परंपरा इस बार भी अपने भव्य स्वरूप में नजर आएगी। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भगवान परशुराम जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकता का यह अनूठा संगम एक बार फिर लोगों के मन को भावविभोर करने जा रहा है।
प्राणगढ़ स्थित माजन मोड़ शिव मंदिर परिसर में आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें समाज के सम्मानित विप्रजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि भगवान परशुराम जन्मोत्सव को इस वर्ष भी भव्यता और परंपरागत गरिमा के साथ मनाया जाएगा।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की पहचान, एकता और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। हर वर्ष की तरह इस बार भी युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है—उनका जोश और समर्पण इस उत्सव को और भी जीवंत बना देता है।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में विद्वान पुरोहितों द्वारा देवों के देव महादेव एवं भगवान परशुराम की विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई जाएगी। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ वातावरण भक्तिमय हो उठेगा, जहां श्रद्धालु आस्था की गहराइयों में डूबकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करेंगे।
“यह जन्मोत्सव हमारे लिए गौरव और आस्था का पर्व है। हम सभी मिलकर इसे यादगार बनाने के लिए संकल्पित हैं।”
बैठक के दौरान समाज से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण और सकारात्मक निर्णय भी लिए गए, जो सामाजिक समरसता और विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
अक्षय तृतीया का यह पावन अवसर न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त करेगा, बल्कि समाज में एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश भी प्रसारित करेगा। अब सभी की निगाहें इस भव्य आयोजन पर टिकी हैं, जो श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम बनने जा रहा है।






