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*हमीरपुर कांड *युवती की न्यूड लाश का सनसनीखेज खुलासा: UP पुलिस का दरोगा ही निकला क़ातिल

हमीरपुर कांड ने हिला दी कानून-व्यवस्था**

*हमीरपुर कांड *युवती की न्यूड लाश का सनसनीखेज खुलासा: UP पुलिस का दरोगा ही निकला क़ातिल

हमीरपुर कांड ने हिला दी कानून-व्यवस्था**

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र में मिली एक युवती की नग्न हालत में लाश ने पूरे इलाके को दहला दिया था। कई दिनों से यह हत्या पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी, लेकिन अब इस मामले का चौंकाने वाला खुलासा हो गया है। इस जघन्य अपराध का आरोपी कोई सामान्य व्यक्ति नहीं, बल्कि UP पुलिस का ही दरोगा अंकित यादव निकला है, जिसकी तैनाती वर्तमान में महोबा में चल रही थी। यह मामला न केवल पुलिस विभाग पर सवाल खड़े करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि कभी-कभी कानून की रक्षा करने वाले लोग ही कानून के सबसे बड़े गुनहगार बन जाते हैं।

पीड़िता किरण और उसकी लड़ाई

मृतका की पहचान किरण के रूप में हुई। वह पिछले कई सालों से अपने वैवाहिक जीवन में संघर्ष कर रही थी।
उसका पति CRPF में जवान है। किरण ने पति पर दहेज उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया था। इतना ही नहीं, वर्ष 2025 में उसने अपने देवर पर रेप का केस भी दर्ज कराया था।
इन मामलों की जांच स्थानीय थाने के सब-इंस्पेक्टर अंकित यादव को सौंपी गई थी।

जाँच के दौरान दरोगा अंकित यादव अक्सर पीड़िता के बयान लेने उसके घर जाता रहता था। इसी बहाने दोनों के बीच नजदीकियाँ बढ़ीं और धीरे-धीरे रिश्ता मित्रता से आगे बढ़कर प्रेम तक पहुँच गया। पीड़िता के ससुराल पक्ष के लोगों पर कार्रवाई करते हुए जब दरोगा ने उनके खिलाफ दबाव बनाया, तो किरण उसे अपना संरक्षक समझकर उस पर और अधिक निर्भर होने लगी।

नजदीकियों से शुरू होकर मर्डर तक पहुँची कहानी

किरण और दरोगा अंकित की यह प्रेम कहानी अधिक समय तक नहीं चल सकी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों अक्सर कोर्ट की तारीख और अन्य कामों के दौरान साथ-साथ घूमते थे।
घटना वाले दिन भी दोनों कोर्ट से लौटते समय एक ही कार में थे। किसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। गुस्से में बौखलाए दरोगा ने कार में रखी लोहे की रॉड निकालकर युवती के सिर पर जोरदार वार कर दिया।
वार इतना तेज था कि किरण ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

हत्या के बाद आरोपी दरोगा, जिसने कानून की रक्षा की शपथ ली थी, खुद कानून का सबसे बड़ा अपराधी बन बैठा। वह घबराकर कुछ देर कार में ही बैठा रहा, लेकिन बाद में अपने अपराध को छुपाने के लिए उसने लाश को कार में डालकर मौदहा के सुनसान इलाके में फेंक दिया और फरार हो गया।

लाश की बरामदगी और पुलिस की जांच

अगली सुबह जब राहगीरों ने युवती की नग्न हालत में पड़ी लाश देखी, तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मौदहा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू की।
मृतका की पहचान होते ही पुलिस ने उसके पति, देवर और अन्य रिश्तेदारों से पूछताछ की, लेकिन जांच का रुख तब बदल गया जब कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), लोकेशन ट्रैकिंग और CCTV फुटेज में दरोगा अंकित यादव की मौजूदगी सामने आई।

तकनीकी साक्ष्यों, बयान और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने दरोगा को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। उसके कबूलनामे ने पूरे विभाग में सनसनी फैला दी।

कानून के रखवालों पर बड़ा सवाल

यह मामला पुलिस विभाग की छवि पर गहरा धब्बा लगा देता है। एक जांच अधिकारी, जिस पर पीड़िता को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी थी, उसी ने उसकी जिंदगी छीन ली।
यह घटना दिखाती है कि
“जब वर्दी का रौब और निजी भावनाएँ मिलकर अपराध बन जाएँ, तो परिणाम समाज के लिए भयावह होते हैं।”

स्थानीय लोगों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए आरोपी दरोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने आरोपी को निलंबित कर जेल भेज दिया है और विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

समापन

हमीरपुर का यह मामला एक बार फिर सबको याद दिलाता है कि न्याय व्यवस्था में सुधार और पुलिस अधिकारियों की निगरानी कितनी महत्वपूर्ण है।
किरण को न्याय दिलाना अब पुलिस और समाज, दोनों की जिम्मेदारी है।


रिपोर्ट

एलिक सिंह
संपादक – समृद्ध भारत समाचार पत्र
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
मो.: 8217554083

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