
अजीत मिश्रा (खोजी)
।। सिद्धार्थनगर में एसडीएम कोर्ट पेशकार का रिश्वत लेने का वीडियो :शोहरतगढ़ तहसील में फरियादियों से वसूली का आरोप।।
01 जनवरी 26, उत्तर प्रदेश।
सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ तहसील से सरकारी दफ्तरों में कथित रिश्वतखोरी का एक और मामला सामने आया है। एसडीएम न्यायालय में तैनात पेशकार राजेन्द्र प्रसाद का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें वह फरियादियों से पैसे लेते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
वीडियो में एसडीएम कोर्ट परिसर के भीतर कथित तौर पर खुलेआम वसूली होती दिख रही है। इसके सामने आते ही आमजन में आक्रोश और चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। लोगों का कहना है कि यदि न्याय पाने के लिए भी रिश्वत देनी पड़े, तो आम आदमी आखिर जाए तो कहां जाए।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एसडीएम शोहरतगढ़ विवेकानंद मिश्र ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच कराई जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह पहला मामला नहीं है जब सिद्धार्थनगर में रिश्वतखोरी के ऐसे मामले उजागर हुए हों। इससे पहले भी जिले की विभिन्न तहसीलों में वीडियो और एंटी करप्शन की कार्रवाई सामने आ चुकी है।
27 जून 2025 को इटवा तहसील में तैनात राजस्व निरीक्षक सुनील श्रीवास्तव पर पैमाइश के नाम पर ₹5000 की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। फरियादी की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने उन्हें तहसील गेट पर 5000 लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।इसी तरह 9 सितंबर 2025 को इटवा तहसील में ही भोलानाथ चौधरी को नक्सा तरमीम के नाम पर 20,000 की घूस लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने तहसील गेट से गिरफ्तार किया था।
इन लगातार सामने आ रहे मामलों से साफ है कि सरकारी कार्यालयों में फरियादियों से अवैध वसूली की शिकायतें थम नहीं रही हैं। कहीं वीडियो के जरिए मामले उजागर हो रहे हैं, तो कहीं एंटी करप्शन की कार्रवाई हो रही है। इसके बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा।
शोहरतगढ़ तहसील का यह ताजा मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि रिश्वतखोरी पर आखिर कब प्रभावी लगाम लगेगी। वीडियो सामने आने के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं। जनता को उम्मीद है कि इस बार सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि न्यायालय और सरकारी दफ्तरों की साख बहाल हो सके।












